कोतवाली क्षेत्र के ग्राम विरौरा में हुई झड़प में पहले चले लाठी डंडे फिर मारी गोली, पांच घायल

 एसपी और एएसपी समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची

कोंच-उरई । गुरुवार की शाम गोधन पूजा के बाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम विरौरा में दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया जिसमें दोनों ओर से पहले तो लाठी डंडे चले बाद में एक व्यक्ति की गोली मार कर हत्या कर दी गई जिससे इलाके में दहशत फैल गई। संघर्ष में दोनों पक्षों के कम से कम पांच लोग घायल बताये गये हैं। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई थी लेकिन गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुये सर्किल के अन्य थानों का फोर्स भी बुला लिया गया था। एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी तथा अपर पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्रनाथ तिवारी के अलावा एसडीएम गुलाब सिंह व सीओ संदीप वर्मा भी मौके पर पहुंच गये थे। पुलिस ने मृतक का शव तथा घायलों को सीएचसी कोंच भिजवाया। इस संघर्ष के पीछे आशनाई का चक्कर बताया गया है जिसको लेकर दोनों पक्षों में लंबे अर्से से विवाद चला आ रहा था।

 

मिली जानकारी के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम विरौरा में गुरुवार की शाम पाल विरादरी के ही दो पक्षों में खूनी संघर्ष छिड़ गया जिसने थोड़ी ही देर में इतना रौद्र रूप ले लिया कि लाठी डंडों और धरदार हथियारों के बीच एक पक्ष के साहब सिंह पुत्र हरदास ने दूसरे पक्ष के सुदरसिंह पाल पुत्र चूरामन को कनपटी में गोली मार दी जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना में लगभग पांच लोगों के घायल होने की खबर है जबकि सीएचसी में सिर्फ तीन ही लोगों को भर्ती कराया गया था। घायलों के नाम सूरजसिंह पुत्र चतुरसिंह, सीताराम पुत्र तारासिंह व महेन्द्रपाल पुत्र सुंदर सिंह बताये गये हैं जबकि दो घायल घटना के बाद से ही नदारत बताये गये हैं। सूचना मिलते ही कोतवाल कोंच संजयकुमार गुप्ता दल बल सहित मौके पर पहुंच गये थे और मृतक के शव तथा घायलों को सीएचसी भिजवाया। एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी, एएसपी सुरेन्द्रनाथ तिवारी के अलावा एसडीएम गुलाब सिंह व सीओ संदीप वर्मा भी मौके पर पहुंच गये थे। गांव के खराब हालातों को देखते हुये सर्किल के कैलिया, नदीगांव तथा एट की पुलिस को भी वहां बुला लिया गया था। इधर, एट एसओ देवेन्द्रकुमार द्विवेदी को सीएचसी में तैनात किया गया था। उनकी सूझबूझ के चलते घटना के दो आरोपियों को तत्काल ही दबोच लिया गया था। रात में कोंच पहुंचे एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने कोतवाली में पत्रकारों को बताया कि घटना के पीछे के सही कारणों की जांच की जा रही है, गांव में तरह तरह की चर्चायें सामने आ रहीं हैं जिन पर पुलिस काम कर रही है। इस समूचे प्रकरण के पीछे आशनाई का चक्कर बताया जा रहा है जिसके चलते दोनों पक्षों में लंबे अर्से से विवाद चला आ रहा था। यहां सीएचसी में मृतक के बेटे महेन्द्र ने मीडिया को बताया कि आरोपी पक्ष के मानसिंह पाल का उसकी चाची के यहां आना जाना था जिस पर उसके पिता मृतक सुंदरसिंह ने कई मर्तबा ऐतराज जताया लेकिन उसका आना जाना बदस्तूर जारी रहा। बहरहाल, मृतक के भाई प्रेमनारायण पुत्र चूरामन की तहरीर पर पांच लोगों लाखनसिंह पुत्र खेमराज, मानसिंह पुत्र द्वारिका, जसवंत पुत्र हरीराम, साहबसिंह पुत्र हरदास तथा यतेन्द्र पुत्र मोहरसिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 147, 148, 149, 323, 504, 506 में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एफआईआर में घटना का कारण बताया गया है कि पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी पक्ष ने लाठी डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया और साहब सिंह द्वारा उसके भाई को गोली मार कर हत्या कर दी गई। दो आरोपी मानसिंह व यतेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर, खूनी संघर्ष के बाद गांव में तनाव की स्थिति है और किसी भी अनहोनी को टालने के लिये सुरक्षा के लिहाज से गांव में पुलिस को कैंप करने को कहा गया है। दरोगा सत्येन्द्रकुमार द्विवेदी के साथ पुलिस फोर्स वहां गांव की गतिविधियों पर नजरें जमाये है।

 

मृतक की अनुज वधू से मानसिंह के संबंध बने विवाद का कारण

ग्राम विरौरा में गुरुवार की शाम हुई हत्या के पीछे मृतक की पत्नी से आरोपी पक्ष के मानसिंह के गहरे संबंध बताये गये हैं। मृतक के बेटे महेन्द्र ने रात में सीएचसी में मीडिया से मुखातिब होकर बताया कि उसके चाचा बाहर रह कर धंधा करते हैं जबकि चाची गांव में रहती हैं। मानसिंह उसकी चाची के यहां आता जाता था जिससे गांव में बदनामी हो रही थी और उसके मृतक पिता ने इस पर ऐतराज जताया था लेकिन मानसिंह नहीं माना। लगभग महीने भर पहले मानसिंह उसकी चाची के यहां पकड़ा भी गया था जिसके चलते दोनों पक्षों में विवाद भी हुआ था तथा दूसरे पक्ष ने उसके पिता के साथ मारपीट कर दी थी। पुलिस ने उसके पिता के खिलाफ ही शांतिभंग की कार्यवाही की थी।

 

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