
उरई। एक पुलिस मित्र को खाकी की मदद की कोशिश करने का गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ा । सोमवार को उसकी आपबीती सुनकर पुलिस अधीक्षक डॉ अरविंद चतुर्वेदी ने मामले की जाँच के आदेश जारी कर दिये हैं ।
पुलिस महानिदेशक ने सभी थानों में वाट्सएप ग्रुप से विश्वसनीय लोगों को जोड़ कर सूचना तंत्र मजबूत करने की रूपरेखा बनाई थी । ग्रुप से जुड़े लोगों में विभाग के प्रति अपनत्व जगाने के लिए उन्हें पुलिस मित्र की संज्ञा दी गयी थी लेकिन अपनों के ही इस गौरव को पुलिस ने क्रूरता के साथ चकनाचूर कर डाला ।
पीड़ित कमल दोहरे निवासी शहबाजपुर ने बताया कि उसे गोहन थानाध्यक्ष ने वालन्टियर पुलिस मित्र के रूप में जोड़ा था । उससे कहा गया था कि कहीं अशांति या अपराध की घटना दिखाने पर पुलिस को फोन कर दे ताकि समय रहते पुलिस कार्रवाई करने में सफल हो सके । गत 7 नवम्बर को दीपावली की रात अपने घर के सामने लोगों को झगड़ते देख उन्होने कर्तव्य के नाते यूपी 100 पर फोन कर दिया जिसके कारण पुलिस को आना पड़ा । लेकिन पुलिस ने आने में काफी देर लगा दी थी नतीजतन झगड़ा शांत हो गया था और लड़ने वाले पक्ष मौके से जा चुके थे । यूपी हंड्रेड का दरोगा उसकी काल से त्यौहार में हुए रंग में भंग के कारण आग बबूला था । उसने कमल को घर से बुलाया और उसके पहले एक ज़ोर की लात मारी जिससे वह हाय हाय करते गिर पड़ा । उसके गुप्तांग में चोट पहुँची । इसके वाबजूद दरोगा को उस पर दया नहीं आई । उसने घसीटते हुए कमल को थाने ले जा कर लाकअप में बंद कर दिया जिससे दीपावली की रात कमल को थाने में ही गुजारनी पड़ी ।
इसी बीच थानाध्यक्ष कमल वर्मा थाने आ गए । उन्होने पहले तो उससे पूंछताछ की और इसके बाद उसका मोबायल ले कर तोड़ डाला और गालियाँ देते हुए शांति भंग में उसका चालान कर दिया । सुबह जब उसकी जमानत एसडीएम के यहाँ से मंजूर हुई तब होमगार्ड ने हथकड़ी खोलने के लिए उससे 100 रुपये अलग वसूल लिए ।
डी जी पी की मंशा को पलीता लगाने वाली इस हरकत को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने सी ओ को मामले की जाँच कर अबिलंब रिपोर्ट देने को कहा है ।






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