आटा-उरई । भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों की पूर्ति न किए जाने के कारण कामकाज बुरी तरह से प्रभावित है जिससे लोगों में असंतोष छाया हुआ है ।

जानकारी के मुताबिक भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय  शाखा में प्रबंधक एवं फील्ड ऑफिसर के अलावा तीन बाबुओं की नियुक्ति थी जिससे क्षेत्रीय खातेदारों एवं किसानों को अपने कामकाज में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती थी । लेकिन 10 माह पूर्व से एक कर्मचारी की सेवानिवृत्ति , इसके बाद एक और कर्मचारी के दूसरी जगह स्थानांतरण से व्यवस्था दो काउंटर खाली हो जाने के कारण चरमरा गई जिससे एक दर्जन से अधिक ग्रामों के लोगों का एफडी,  ड्राफ्ट, आरडी आदि तमाम कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं ।

ऐसी हालत में लोगों को उरई, कालपी की बैंकों में जाकर काम अपने करवाने पड़ते हैं । वहां भी जिनके खाता नहीं है उन्हें वापस लौटा दिया जाता है जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है ।  बैंक ग्राहकों में परेशानी के चलते आक्रोश व्याप्त है । संधि के प्रधानपति संतोष द्विेवेदी,  प्रधान महेंद्र यादव, चमारी प्रधान मुनि महाराज ,आटा प्रधान सत्यनारायण वर्मा आदि का कहना है कि बैंक की हालत यह है कि दो माह पूर्व से फील्ड ऑफिसर सुरेंद्र पाल भी चले गए हैं । इनके जाने से किसानों के क्रेडिट कार्ड और आने वाली तमाम योजनाओं का लाभ भी बैंक से नहीं मिल पा रहा है जिसके कारण लोग बुरी तरह परेशान हैं ।

शाखा प्रबंधक महेशचंद वर्मा का कहना है कि इस संबंध में उच्च स्तर पर कई बार लिखा पढ़ी की जा चुकी है । कर्मचारियों के न होने के कारण बैंक के लेन-देन में भी दिक्कत हो रही है लेकिन विभाग द्वारा अभी तक कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है । क्षेत्रीय समाजसेवी और बुद्धिजीवियों ने भारतीय स्टेट बैंक के जिम्मेदार उच्चाधिकारियों से शाखा आटा में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए अविलंब मांग की है ।

 

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