कालपी –उरई । प्रदेश सरकार द्वारा  एक जनपद – एक उत्पाद (ओ.डी.ओ.पी.) में चयनित  कालपी के हाथ कागज के विकास हेतु उद्यमियों की हर संभव आर्थिक, तकनीकी व प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु उद्योग विभाग ने पहल तेज कर दी है । विभागीय अफसरों की मानें तो इस दिशा मे प्रदेश सरकार उद्यमियों के हितों के लिये कृत संकल्पित है।

बुधवार को स्थानीय औद्यौगिक ऐरिया में हाथ कागज उद्यमियों की गोष्ठी में जिला उद्योग केन्द्र के उपायुक्त पी.सी पाठक ने कहा कि जिला उद्योग केन्द्र ओ.डी.ओ.पी. योजना के तहत हाथ कागज उद्यमियों तथा इस उद्योग से जुड़े अन्य उद्यमियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के सरकार के द्वारा निर्देश दिये गए है। उपायुक्त  ने बताया कि ओ.डी.ओ.पी योजना में हाथ कागज उद्योग को नया स्वरुप देने हेतु भी एक लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक का ऋण दिया जायेगा , इस ऋण के साथ 25 प्रतिशत अनुदान भी दिया जायेगा ।

उप्र हाथ कागज निर्माता समिति के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि उप्र सरकार हाथ कागज उद्योग का विकास करना चाहती है। लेकिन कालपी की बैंके उप्र सरकार की औद्यौगिक विकास की नीतियों में विल्कुल सहयोग नही कर रही है। श्री तिवारी ने कहा कि जब तक बैंक ऋण नही देगी तब तक केवल फार्म भरकर बैंक भेजने से उद्योगों का विकास होना मात्र स्वप्न है। गोष्ठी में सौर योजना के उपयोग पर नेडा के अधिकारी अखिलेश कुमार पाण्डेय ने विस्तार से प्रकाश डाला।

पाण्डेय ने बताया कि अगर हाथ कागज उद्यमी सोलर प्लांट लगाते है तो उन्हें 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी तथा उद्योगों को कम खर्चे पर अधिक बिजली मिलेगी।

उद्यमियों से चर्चा करने आये आजीविका मिशन के अधिकारी ने भी ओ.डी.ओ.पी को हाथ कागज के विकास हेतु सरकारी उपायों की चर्चा की।गोष्ठी में आर.पी शंखवार सहायक जिला उद्योग अधिकारी, एस.डी.ओ विद्युत अभिषेक सचान, श्रम विभाग के बी.के शर्मा , सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कालपी केचिकित्साधिकारी डा. सुन्दर सिंह के अलावा रवीन्द्र पुरवार, सीताराम गुप्ता, शुएब , शिव कुमार शर्मा, कुलदीप शुक्ला, चिरौजी लाल गुप्ता, हाजी सलीम खां, विनीत गुप्ता, रविन्द्रनाथ गुप्ता, नसीम खां, प्रेम कुमार गुप्ता, पप्पू निस्वाई, विजय गांधी, पंकज विश्नोई, गेंदालाल प्रजापति आदि  उद्यमियों ने उपस्थित होकर अपने – अपने सुझाव रखें।

 

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