
कोंच। महिलाओं के स्वावलंबी बनाने में हस्तनिर्मित कागज से निर्मित विविध दैनिक उपयोग वाली वस्तुओं का हस्त शिल्प प्रशिक्षण का शुभारंभ समर्पण जन कल्याण समिति के कार्यालय परिसर में हुआ उक्त शिल्प प्रशिक्षण में कालपी के लब्ध प्रतिष्ठित प्रशिक्षक ने कैरी बैग एवं डायरी निर्माण की तकनीकी व व्यवहारिक जानकारी सरल तरीके से बताई।
रिटायर्ड प्रधानाचार्य ऊषा श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं के लिये कुछ भी असंभव नहीं है, बस आवश्यकता है कि महिलायें अपनी ताकत को जानें तथा आजीविका के माध्यम से खुद प्रशिक्षित हों और दूसरों को भी हुनरमंद बनने के लिये प्रेरित करें। इंटरनेट साथी कार्यक्रम से जुड़ी पंद्रह इंटरनेट साथी एवं पांच अल्पसंख्यक समुदाय की बालिकायें एवं महिलायेंकैरी बैग एवं डायरी बनाने का प्रशिक्षण ले रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहयोगी भूमिका का निर्वहन ऊषा श्रीवास्तव, तान्या गांधी, स्नेशराजा, सुधा खरे, सुनीता यादव तथा मुकेशकुमार कर रहे हैं।
समर्पण के निदेशक राधेकृष्ण ने कहा किंइंटरनेट साथियों को सीधे स्वावलंबी बनने में सहयोग करना है तथा बेहतर समावेशी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये महत्वपूर्ण सहभागिता करने एवं बदलाव के लिये नेतृत्वकर्ता की भूमिका के लिये तैयार रहना है। एक जिला एक उत्पाद में हस्तनिर्मित कागज से कुटीर व्यवसाय के रूप में महिलाओं को प्रशिक्षित कर उनकी तैयारी सामग्री डायरी, कैरी बैग का विक्रय लखनऊ स्थित कतरन क्रियेशन स्टोर के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जायेगा ताकि परंपरागत हस्तशिल्प जीवित रहे तथा महिलाओं को बाजिव दाम मिल सकें।







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