कोंच-उरई । सोमवार को नायब तहसीलदार ने मिट्टी खनन स्थलों पर छापेमारी की और खनन होता पाया लेकिन उन्होंने फिलहाल कोई कार्यवाही इसलिये नहीं की कि मौके पर खनन हो नहीं रहा था बल्कि खनन की तैयारी चल रही थी। वे अपनी रिपोर्ट बना कर एसडीएम को देंगे।

 

नायब तहसीलदार राकेश राजपूत को गोपनीय ढंग से सूचना मिली कि कुछ लोग मिट्टी का अबैध खनन कर रहे हैं। उन्होंने कोतवाली पुलिस के साथ बताये गये स्थानों चचेंड़ा और भदेवरा में छापा मारा तो वहां खनन होता तो नहीं मिला लेकिन मौके पर दो ट्रैक्टर खाली खड़े मिले और एक व्यक्ति भी वहां मिला जिससे जाहिर है कि खनन की या तो तैयारी हो रही थी या फिर अधिकारियों की गाडिय़ां देख कर खनन माफिया मौके से भाग निकला। नायब के मुताबिक उन स्थानों पर मिट्टी खनन के ऐसे चिन्ह तो मिले हैं जिन्हें देख कर आानी से समझा जा सकता है कि वहां बड़े पैमाने पर खनन हो रहा है क्योंकि जेसीबी से खुदाई कर खेतों को तालाब बना दिया गया है। गौरतलब है कि सरकार ने किसानों को निजी उपयोग के लिये मिट्टी खोदने पर से प्रतिबंध जरूर हटा लिया है लेकिन यदि व्यवसायिक उपयोग हेतु मिट्टी उठानी है तो उसके लिये बाकायदा परमीशन लेकर रॉयल्टी जमा करनी होगी। चचेंड़ा और भदेवरा में हो रहा खनन विशुद्घ रूप से व्यवसायिक है और इसकी कोई स्वीकृति भी नहीं ली गई है। फिलहाल, नायब तहसीलदार राकेश राजपूत का कहना है कि वह पूरी रिपोर्ट बना कर एसडीएम को देंगे।

 

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