* भाकियू की मासिक पंचायत में सरकारी दुकानों पर कीटनाशक उपलब्ध कराने की मांग उठी

कोंच-उरई । भारतीय किसान यूनियन ने स्थानीय प्रशासन के संज्ञान में डाला है कि तमाम प्रशासनिक प्रयासों के बाबजूद तकरीबन दर्जन भर गांवों में अन्ना मवेशी छुट्टा घूम रहे हैं और फसलों को चट कर रहे हैं। उन्होंने एसडीएम से मांग की है कि इन गांवों में भी बन्ना पशुओं का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित कराया जाये। मंगलवार को गल्ला मंडी में आहूत भाकियू की मासिक पंचायत में यह मुद्दा जोरशोर से उठा। इसके अलावा सरकारी दुकानों पर कीटनाशक और पोटाश उपलब्ध कराये जाने की भी मांग उठी।

जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की पहल पर अन्ना मवेशियों को बाड़ों के भीतर कराने और उनका समुचित प्रबंधन करने के लिये चलाई गई मुहिम हालांकि काफी हद तक फलीभूत होती दिख रही है और अधिकांश गांवों में इन्हें बाड़ों के भीतर कर दिया गया है। इसके बाबजूद एक दर्जन गांव अभी भी ऐसे हैं जिनमें इन मवेशियों को बाड़ों के भीतर करने के लिये किसी तरह की ठोस पहल नहीं की गई है जिससे उन गांवों की फसलों की बर्बादी को रोके जाने में किसानों की रातें रखवाली में बर्बाद हो रहीं हैं। भाकियू ने ऐसे गांवों की फेहरिश्त एसडीएम को थमाते हुये बताया कि मनोहरी, पचीपुरा कलां, गुरावती, भेंड़, रवा, कुंवरपुरा, वरोदा, गोरा, छानी, गेंदोली, धनौरा आदि गांवों में भी बाड़े विकसित कर मवेशियों को उनके भीतर किया जाये। पंचायत में बिजली विभाग द्वारा की जा रही विद्युत कटौती के समय से नाइत्तेफाकी जताते हुये समय में परिवर्तन कर सुबह और शाम में नौ बजे तक कटौती नहीं करने की बात कही। आंधी पानी में टूट कर सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटवाने की मांग भी की गई। इस दौरान श्यामसुंदर कुंवरपुरा, चतुरसिंह पटेल, डॉ. पीडी निरंजन, भगवानसिंह कुशवाहा, आजाद, वीरेन्द्रशाह, संतोष, कुंजविहारी, शारदा मास्टर सहित तमाम किसान मौजूद रहे।

 

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