
* झांकियां रहीं शोभायात्रा की मुख्य आकर्षण, यात्रा मार्ग में जगह जगह कराया गया स्वल्पाहार
कोंच-उरई । कोंच वासियों का नया साल श्री गिर्राजजी की शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ। पिछले कई बर्षों की तरह इस साल भी भगवान श्री गिर्राजजी की शोभायात्रा श्री गिर्राज सेवा समिति के तत्वाधान में निकाली गई। डीजे, बैंड और ढोल ताशों के साथ शोभायात्रा ने नगर भ्रमण किया, यात्रा में भगवान के विभिन्न स्वरूपों की दर्जन भर से भी ज्यादा झांकियां आकर्षण का प्रमुख केन्द्र रहीं। अंत में बल्दाऊ धर्मशाला में श्री गिर्राज जी के पाठ और हवनादि के साथ प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। वहां भगवान गिर्राजजी को छप्पन भोग भी लगाया गया। यात्रामार्ग में जगह-जगह भंडारों के भी आयोजन किये गये थे।
कोंच नगर वासियों काप्रत्येक नया बर्ष परंपरानुसार श्री गिर्राज जी का नाम लेकर उनकी शोभायात्रा से प्रारंभ होता है। मंगलवार को भी श्री गिर्राज सेवा समिति के तत्वाधान में भगवान श्री गिर्राजजी की भव्य और विशाल शोभायात्रा का आयोजन उत्साह के साथ किया गया जिसमें नगर के हजारों नर-नारियों ने सहभागिता की।स्थानीय बल्दाऊ धर्मशाला से शोभायात्रा का शुभारंभ ठीक ग्यारह बजे हुआ, सबसे आगे भगवान बिष्णु, तदोपरांत मां सरस्वती, भगवान बल्दाऊजी, राधाकृष्ण, ब्राह्मïण सुदामा, राम लक्ष्मण जानकी और हनुमान, कृष्ण दीवानी मीरा और नौ देवियों आदि की तमाम झांकियां काफी दर्शनीय रहीं। सबसे आखिर में भगवान श्री गिर्राज जी की झांकी शोभायमान थी, सेवादार भगवान के विशाल चित्र पर चंवर डुला रहे थे, द्वार-द्वार उनकी आरती उतारी गई और तिलक हुये। महिलायें भजन कीर्तन करते हुये चल रहीं थीं। शोभायात्रा में डीजे की धुनों पर युवा और किशोरियां मस्ती में नाचते हुये चल रहे थे। बैंड और ढोल ताशों ने शोभायात्रा को और भी रोचक और दर्शनीय बना दिया था। जहां से यात्रा निकलती छतों से भगवान पर पुष्प बर्षा होती जा रही थी। बल्दाऊ धर्मशाला से प्रारंभ होकर शोभायात्रा रोडवेज बस स्टैंड, चौकी तिराहा, चंदकुआ चौराहा, नई स्टेट बैंक, पुरानी स्टेट बैंक, बंध, भुंजरया चौराहा होकर जगतनारायण वकील के दरबाजे से होकर लवली चौराहा पहुंची जहां से सर्राफा बाजार, रामगंज बाजार होकर पुन: बल्दाऊ धर्मशाला पहुंची जहां श्री गिर्राज जी के पाठ और हवनादि के पश्चात् प्रसाद वितरित किया गया। यहां श्री गिर्राज जी को छप्पन भोग भी लगाया गया। यात्रा र्मा में कई स्थानों पर स्वल्पाहार की भी व्यवस्था की गई थी। संजय बुहारे बाले के प्रतिष्ठान पर सभासद विशाल गिरवासिया, छोटू टाइगर, राहुलबाबू अग्रवाल, शमसुद्दीन मंसूरी, नवनीत गुप्ता, सियाराम शरण सेठ आदि व्यवस्था में लगे थे। शोभायात्रा के आयोजन में पं. गोविंदशरण मिश्रा, कल्लू कनकने, सौरभ मिश्रा, श्यामजी ठाकुर, कमलेश गिरवासिया, खेमचंद्र अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, सुरेन्द्र दतिया बाले, ओमप्रकाश, राकेश मित्तल, विनोद लोहई बाले, अशोक बादशाह, विनोद चौधरी, वीरेन्द्र अग्रवाल मिठया, जगदीश अग्रवाल, बबलू सर्राफ, गिरिजाशंकर अग्रवाल, रोमी अग्रवाल, मनोज राठौर, दिलीप अग्रवाल, पुरुषोत्तम राठौर, संजय अग्रवाल, जग्गी अग्रवाल, पिंटू अग्रवाल, रामसहाय सेठ, सुरेश कनकने, सुरेश खिल्ली बाले, पीयूष कनकने, रामलला बसोब बाले, शीलू मिठया, रामजी ठाकुर, राममोहन राठौर, पवन चौधरी, धर्मेन्द्र राठौर, मुन्ना कनकने, रामविहारी अग्रवाल धनौरा बाले, दीपू अग्रवाल, अनिल बादशाह, आकाश अग्रवाल, अमन छोटू, सागर राठौर, हिमांशु राठौर, रामबाबू राठौर आदि का सहयोग सराहनीय रहा।







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