
उरई । कोंच रोड पर मडोरा गाँव में अन्ना जानवरों के अस्थायी आश्रय के लिए तैयार बाड़ा उचित देखभाल न होने से गायों का शमशान साबित हो रहा है । भूख और ठंड के कारण गायें हर रोज इसमें तड़प तड़प कर दम तोड़ रही हैं । लोगों ने गाँव के प्रधान पर बेजुबानों के जीवन से खिलवाड़ का आरोप लगाया है ।
गो संरक्षण के नाम पर भले ही जम कर शोरशराबा हो रहा हो लेकिन हर जगह गायों की अकाल मौत से जाहिर हो जाता है कि आस्था से जुड़े इस मसले को भी प्रवंचना की भेंट चढ़ाने से जिम्मेदार बाज नहीं आ रहे । जिला मुख्यालय से सटे गाँव मडोरा में गोआश्रय स्थल की दशा हकीकत बयान कर देती है । ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान मातादीन ने सरकार के निर्देशों के कारण अस्थायी आश्रय स्थल बनाने की खानापूरी तो की लेकिन पहली ही रात लचर व्यवस्था के कारण गायें इसमें से बाड़ तोड़ कर भाग निकलीं ।
महाराज सिंह की जमीन पर फसलों की सुरक्षा के लिए बाद में गाँव के स्वयंसेवकों ने अन्ना जानवरों के लिए बाड़ा तैयार कर दिया लेकिन इसमें भी उनका सार्थक संरक्षण नहीं हो पा रहा है । पिछले दो दिनों में इस बाड़े में लगभग 10 गायें जान गँवा चुकी हैं जिन्हे इसके कर्ताधर्ता प्रशासन के कोप से बचाने के लिए बाड़े से घसीट कर बाहर फेंक देते हैं । गोवंश की इस दुर्दशा से धार्मिक भावनाओं को ठेस लगाने के कारण लोग आहत हैं ।







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