कालपी-उरई। संयुक्त मजिस्ट्रेट जयेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में बाल संरक्षण समिति की बैठक तहसील परिसर में हुयी जिसमें बेसहारा बच्चों की परवरिश के लिये कार्यनीति तैयार की गयी।
मालूम रहे कि बीते सप्ताह संयुक्त मजिस्टेªट जयेन्द्र कुमार जब तहसीलदार शशिविद द्विवेदी के साथ भ्रमण पर निकले तो उन्हें बेसहारा बच्चों की त्रासदी को नजदीक से देखने का अवसर मिला । मुहल्ला गणेश गंज में उन्हें एक घर में 5 बेसहारा बच्चे मिले जिनके पिता काफी समय पहले लापता हो गये थे जबकि मां मन्दबुद्धि है जिसकी वजह से वे अनाथ जिन्दगी गुजार रहे थे। बाद में उन्हें कांशीराम कालौनी में भी दुर्भाग्य के मारे 5 बच्चों का करूणामय जीवन देखने को मिला। बच्चों की मां 13 दिसम्बर को टेªन के नीचे कट गयी थी। पिता रऊफ उनकी परिवरिश के लिये भटक रहा था।
इसी प्रकार ग्राम सैदपुर में माता पिता की 4-5 साल पहले मौत हो जाने से अनाथ भटक रहे छोटे छोटे बच्चों को देखा तो उनका दर्द गहरे तक उतर गया। ज्वाइन्ट मजिस्टेªट ने इन बच्चों की व्यथा कथा से जिला प्रोबेशन अधिकारी को अवगत कराकर इनके लिये कुछ करने को कहा । ज्वाइन्ट मजिस्टेªट ने अब इन बच्चांे के लिये जिम्मेदारों को नोड्ल बनाया है ताकि इनकी परवरिश की सही तरीके से निगरानी हो सके। इसी तारतम्य में बाल संरक्षण अधिकारी की देखरेख में समिति भी गठित कर दी गयी है जिसने आज यहां भ्रमण कर बच्चों का हाल प्रत्यक्ष तौर पर जाना समिति को अनाथ बच्चों के सरक्षण के लिये बजट भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

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