उरई। किसान संघर्ष मोर्चा द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार आज बड़ागांव हाइवे जाम करने का कार्यकम प्रस्तावित था किंतु संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा द्वारा आज परीक्षा के कार्यक्रम को देखते हुए उत्तर प्रदेश उत्तराखंड चक्का जाम का कार्यक्रम निरस्त किया गया तथा ज्ञापन सौंपा गया।किसान संघर्ष मोर्चा द्वारा कलेक्ट्रेट में ज्ञापन न देकर बड़ागांव में हाइवे पर सैकड़ों नेताओं की उपस्थिति में राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन अपर जिलाधिकारी दिया गया। मोर्चा के संयोजक कैलाश पाठक ने बताया कि ज्ञापन में तीनों कृषि कानून निरस्त करने, एमएसपी पर कानून लाने, आंदोलन में किसानों एवं पत्रकारों पर लिखे गए फर्जी मुकदमे वापस लिए जाने तथा शहीद किसानों के परिजनों को भारी मुआवजा देने की मांग की गई। किसान संघर्ष मोर्चा की पंचायत में निर्णय लिया गया कि जनपद के प्रत्येक गांव में किसानों द्वारा एक बैनर लगवाया जाएगा जिस पर लिखा होगा कि कृषि कानून के समर्थक गांव में प्रवेश न करें अन्यथा उनका बहिष्कार किया जाए। किसान पंचायत में प्रमुख रूप से सुरेश निरंजन भैया जी, बृजलाल खाबरी पूर्व सांसद, विनोद चतुर्वेदी पूर्व विधायक, वीरपाल सिंह यादव, सुरेंद्र सरसेला, चौ. विष्णुपाल सिंह नन्नू राजा, प्रदीप दीक्षित, गिरेंद्र सिंह कुशवाहा, लाल सिंह चौहान, अनुज मिश्रा, सुरेंद्र बजरिया, अशोक द्विवेदी, महेश द्विवेदी, महेंद्र भाटिया, संदीप यादव, जयशंकर द्विवेदी, आनंद यादव, सुरेंद्र मौखरी, महेंद्र कठेरिया, जीवन प्रताप वाल्मीकि, रेहान सिद्दीकी, अमीन खान, लालू शेख, शफीकुर्रहमान कश्फी, मिर्जा साबिर बेग, संतोष ठाकुर, कुसुम सक्सेना, शकुंतला पटेल, गीता देवी, अरविंद सेंगर, पंकज दुबे, कपिल गुमावली, जीनू वर्मा, भानु राजपूत, संजीव तिवारी, कुलदीप चतुर्वेदी, अंबरीश श्रीवास्तव, जयवीर यादव, सिद्धार्थ दिवौलिया, राहुल मिश्रा, करण सिंह, राजीव कुशवाहा, राम सिंह, हरिशंकर यादव, विनय पाठक, प्रवीण रायकवार, अशोक गुप्ता महाबली, विजय सिंह राठौर, अनिल शर्मा, वरिष्ठ स्तंभकार केपी सिंह, सुनील शर्मा, दीनदयाल काका, जितेंद्र सिंह यादव, प्रकाश तिवारी, अशोक विश्वकर्मा, राकेश तिवारी, सतीश यादव, चौ. श्याम सुंदर, देवेश चौरसिया, नीलू कैंथेरी, अंशुमन सिंह सेंगर, बल्लू त्रिपाठी, आदित्य शुक्ला, आनंद परिहार, विनोद वर्मा, राजीव नारायण मिश्रा, गोपाल जी मिश्रा, संतोष शुक्ला, आमिर फरीदी, शैलेंद्र व्यास, सामी सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।







Leave a comment