बौद्ध धम्म दीक्षा समारोह का गौरवपूर्ण समापन


उरई। जालौन रोड पर पंचशील नगर में चल रही प्रबुद्ध भारत काॅफ्रेन्स और बौद्ध धम्म दीक्षा समारोह का रविवार को समापन हो गया ।
समापन समारोह की शुरूआत महात्मा बुद्ध के चित्र पर माल्यार्पण से हुयी। इस अवसर पर देश के कोने कोने से आये बौद्ध भिक्षु मंचासीन रहे।
बौद्धाचार्य डा0 स्वरूपानन्द महाथेरा ने इस अवसर पर कहा कि पंचशील पर अमल करने वाले ही बौद्ध होते है। उन्होने कहा कि बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर भारत को बौद्ध मय बनाना चाहते थे। धम्म जीवन जीने का सुन्दर रास्ता है।
भगवान बुद्ध के सम्बन्ध में उन्होने कहा कि तथागत ने दुखो के निवारण की खोज के लिये अपना जीवन न्यौछावर कर दिया था। बौद्ध धर्म अपनाने वाले मिथ्या नजर त्यागे और धम्म के मार्ग पर चले ।
इस अवसर पर 22 वर्षीय तरूण युवक ने प्रवज्या ग्रहण की और परिव्राजक बन गये। 2020 में उन्होने कानपुर विश्वविद्यालय से उच्चतम अंको में बीएससी बायोटेक्नोलाॅजी की डिग्री हासिल की । इसके बाद भगवान बुद्ध और उनके धम्म को पढते हुये उनके मन में वैराग्य जाग गया । उनका पूर्व नाम सचिन गौतम है। वे एनसीआर गाजियाबाद के रहने वाले है। पिता रोडवेज में नौकरी करते है। बौद्ध भिक्षु के रूप में उन्हें असंखव्रिज के नाम से जाना जायेगा। इस उम्र में सन्यास ग्रहण करना गौरव का विषय है।

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