जैविक खेती के मजे निराले, चमकदार और पौष्टिक उपज का देते वरदान


उरई। जालौन क्षेत्र में जैविक मेला और प्रदर्शनी का निराला आयोजन किया गया जिसमंे किसानों ने रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक रहित खेती के फायदों के बारे में जाना और उसके प्रत्यक्ष नमूने देखे।
इसके लिये आयोजित सभा की अध्यक्षता जिला किसान क्लब के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण चतुर्वेदी ने की । इस दौरान जनपद में जैविक खेती के रोल मांडल बन चुके अशोक कुमार सिंह , भारतीय किसान संघ के सुभाष द्विवेदी आदि स्वयंसिद्धों ने अपने अनुभव साझा किये ।
पूर्व एसडीएईओ एसएस कुशवाहा और पूर्व एडीओ कृषि रक्षा वीएल कुशवाहा ने किसानों को जैविक खेती करने के सही तरीके बताये। बीजामृत , जीवामृत और पंचगव्य बनाने की विधि एव इसके उपयोग से होने वाले लाभों की जानकारी दी । अशोककुमार सिंह ने बताया कि वे वर्मी कम्पोस्ट यूनिट संचालित कर रहे है जिससे बनी खाद का प्रयोग खेतों में करते है। इससे मिलने वाली उपज की चमक अलग ही नजर आती है। साथ ही इसका पोषण शरीर के लिये पूरी तरह हानिरहित और पौष्टिक होता है। मेला का आयोजन कृषि विभाग की सहकारी संस्था सत्येन्द्र आॅर्गेनिक द्वारा किया गया जो कि मध्य प्रदेश के खरगौन से संचालित है। अन्त में इस संस्था के प्रतिनिधि जितेन्द्र कुमार ने आभार प्रदर्शित किया ।

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