जालौन। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के सभी सदस्य अपने पद एवं दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन करें। यदि किसी अधिवक्ता को कोई समस्या आती है तो उसका निराकरण कराएं। जूनियर अधिवक्ता कानून का पूरा ज्ञान लेने की कोशिश करें। अधिवक्ता मानवीय दृष्टिकोणता को अपना कर वादकारियों के हित को सर्वोपरि रखें। उक्त उद्गार मुंसिफ कोर्ट परिसर में बुंदेलखंड एडवोकेट बार एसोसिएशन मुंसिफ कोर्ट के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उपस्थित अधिवक्ताओं के समक्ष व्यक्त किए।बुंदेलखंड एडवोकेट बार एसोसिएशन का शपथ ग्रहण समारोह मुंसिफ कोर्ट परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह एवं सिविल जज (जूडि) संदीप सिंह ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन कर की। मुख्य अतिथि ने उपस्थित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अधिवक्ता मानवीय दृष्टिकोणता को अपना कर वादकारियों के हित को सर्वोपरि रखें। जूनियर अधिवक्ताओं को किसी मामले को लेकर कोई समस्या आती है, तो वह अपने सीनियर अधिवक्ताओं से सलाह ले सकते हैं जिससे ज्ञान की बढ़ोत्तरी होती है। सिविल जज जूडि संदीप सिंह ने कहा कि बार एवं बैंच की कड़ी अधिवक्ताओं के साथ साथ वादी को भी न्याय दिलाने का कार्य करती हैं। अधिवक्ता व जज का आपसी तालमेल वादकारियों को सही न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाता है। एसोसिएशन का गठन अधिवक्ताओं को न्याय दिलाने तथा संगठन को मजबूत करने के लिए होता है जिससे वह अपनी लड़ाई लड़ सके लेकिन अधिवक्ताओं को यह भी याद रखना चाहिए कि कानून के अंतर्गत ही अपने अधिकारी का विरोध करें। अंत में मुख्य अतिथि ने कार्यकारिणी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रामधीरज सिंह सेंगर, वरिष्ठउपाध्यक्ष चंद्रशेखर कुशवाहा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष विनय कुमार माहेश्वरी, सचिव व कोषाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार लिटौरिया, सह सचिव राघवेंद्र सिंह निरंजन के अलावा वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य विजय कृष्ण सक्सेना व नौशाद खान एवं कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य जितेंद्र कुमार दीवौलिया व दिनेश कुमार भास्कर को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता संतोष यादव ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता योगेश चंद्र त्रिपाठी, उमेश दीक्षित, जगदंबा शरण, पुष्पेंद्र यादव आदि सहित आधा सैकड़ा से अधिक अधिवक्तागण उपस्थित रहे।







Leave a comment