अवैध बताकर वन विभाग की टीम ने तोड़ा निर्माण कार्य,भीड़ एकत्रित होने पर वापस लौटी टीम

  कालपी। कालपी नगर के दुर्गा मंदिर के पीछे बन रही प्रधानमंत्री आवास की कालोनी को वन विभाग कालपी के लोगों द्वारा कोतवाली पुलिस की मौजूदगी में अवैध निर्माण बताकर धराशाही कर दिया गया। इसी दौरान पहुंचे नगर पालिका परिषद के सभासद के नोटिस देने की बात कहते ही मोहल्लेवासी एकत्रित हो गए जिसके बाद बीच से ही वन विभाग के लोगों को वापस भागना पड़ा।मिली जानकारी के मुताबिक वन विभाग कालपी के रेंजर आरके सचान ने बुधवार की दोपहर कोतवाली कालपी प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह को दिए गए प्रार्थना पत्र में अवगत कराया कि कालपी खास में कुछ अज्ञात लोग वन विभाग की भूमि पर अवैध निर्माण कार्य कर रहे हैं जिन्हें रोकने के लिए पुलिस बल मांगा गया। प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह ने पुलिस उपाधीक्षक आरपी सिंह से दूरभाष पर वार्ता के बाद उपनिरीक्षक देवेंद्र दीक्षित के साथ हमराही सेकेंड मोबाइल व शहर कोबरा को वन रेंजर आरके सचान, रामप्रकाश यादव वन दरोगा, राजेंद्र प्रसाद दीक्षित वन रक्षक, प्रीति सरोज आदि के साथ दुर्गा मंदिर के पीछे बन रहे प्रधानमंत्री आवास से स्वीकृत भवन के पिलर गिराने लगे। इसी दौरान वार्ड सभासद हरिनारायण आ गए तथा वन विभाग के लोगों से पूछा कि बिना नोटिस के प्रधानमंत्री आवास को कैसे गिरा रहे हो। इसी दौरान मोहल्ले की भीड़ भी एकत्रित हो गई तथा मौके से वन विभाग के लोगों को उल्टे पांव वापस भागना पड़ा। सभासद हरिनारायण ने बताया कि वर्ष 2021 में नगर पालिका परिषद द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत फूलन देवी पत्नी स्व. मुरलीधर निवासी निवहना तथा मौजूदा समय में अपने लडक़े भूरा व बहू के साथ बीते चालीस वर्षों से यहां रह रही है। वन विभाग के लोगों ने बिना नोटिस के निर्माण कार्य गिराने की कार्रवाई की जो कि अनैतिक है। वहीं मोहल्लेवासियों का कहना है कि जो वन विभाग को पैसा दे देता है उसका निर्माण कार्य हो जाता है और जो नहीं देता है उस पर कार्रवाई की जाती है। वन विभाग के वन रेंजर आरके सचान का कहना है कि वन विभाग की जमीन पर कैसे प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किया गया तथा वह अपनी जमीन पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को हटवाने पुलिस फोर्स के साथ गए थे तथा अपने उच्चाधिकारियों को भी उन्होंने अवगत करा दिया है। 

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