उरई। नवागन्तुक जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने रविवार को सुबह नगर पंचायत कार्यालय का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होने नगर पंचायत द्वारा संचालित गौशाला को भी देखा। इस दौरान वहां की व्यवस्थाओं और नगर पंचायत अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह की निष्ठा देखकर वे अभिभूत रह गयी।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने जिले में अपनी पारी की शुरूआत सबसे दूरवर्ती बीहड क्षेत्र के रामपुरा से की। उन्होने शनिवार को रामपुरा में ही रात्रि विश्राम करके जिले के लोगो को एक संदेश दिया जिससे अन्तिम छोर के लोगो को काफी तसल्ली महसूस हुयी होगी जो जिला मुख्यालय से ओझल होने के कारण उपेक्षित नियति के लिये मजबूर रहते है।
जिलाधिकारी सुबह नगर पंचायत कार्यालय पहुंची जहां बुके भेंटकर अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह ने उनका स्वागत किया। बाद में उन्होने नगर पंचायत कार्यालय में बैठकर अभिलेखों का निरीक्षण किया और अधिशाषी अधिकारी राजीव कुमार को शौचालय आदि के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दिये।
बाद में जिलाधिकारी ने गौशाला का निरीक्षण किया। वे उस समय भावुक हो गयी जब नगर पंचायत अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह ने उन्हें बताया कि वे और उनकी पत्नी गायों को चारा खिलाने के पहले भोजन न ग्रहण करने का व्रत लिये हुये हैं। उन्होने भूसे का भण्डार देखा। शैलेन्द्र सिंह ने उन्हे बताया कि सीमा विस्तार में उन्हें कई हे0 जमीन मिल गयी है जिसमें 12 बीघा क्षेत्र में फैन्सिंग कराकर और सोलर प्लान्ट लगवाकर चारागाह विकसित किया जा सकता है। इस पर उन्होने साथ में मौजूद माधौगढ के उप जिलाधिकारी सालिकराम को निर्देश दिया कि वे अध्यक्ष के साथ बैठकर इस बारे में विचार विमर्श कर ले। साथ ही नगर पंचायत को सीमा विस्तार में मिली भूमि पर अवैध कब्जे न होने देने में इनकी मदद करें।
जिलाधिकारी का ब्लाक कार्यालय का निरीक्षण और माधौगढ पहुंचकर तहसील की समीक्षा बैठक का भी कार्यक्रम प्रस्तावित था लेकिन प्रभारी मंत्री के उरई में आने के कारण उन्होने यह कार्यक्रम रदद कर दिया।







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