उरई। किसान संघर्ष मोर्चा ने गुरूवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत रेल का सांकेतिक चक्का जाम किया जिसके बाद मोर्चा के नेताओ को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन पहुंचा दिया गया जिन्हें शाम को रिहा कर दिया गया ।
किसान संघर्ष मोर्चा के नेताओं के पहुंचने के पहले ही हजरत बेरी वाले बाबा की मजार पर पुलिस ने भारी किलेबन्दी कर ली थी। इस बीच जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भी एसपी को साथ लेकर मौके पर स्थिति का जायजा लिया। डीएम, एसपी के पहुचने पर मोर्चा के नेताओ ने तेज नारबाजी की।
बाद में एडीएम प्रमिल कुमार सिंह सिटी मजिस्टेªट सुनील शुक्ला के साथ बेरी वाले बाबा की मजार पर पहुंचे और मोर्चे के संयोजक कैलाश पाठक को तत्काल गिरफ्तारी देने का प्रस्ताव किया लेकिन कैलाश पाठक ने कहा कि रेल रोके बिना वे अपने को पुलिस हिरासत में नहीं सौपेगे। सौहाद्रपूर्ण माहौल में कुछ देर नोक झोंक हुयी जिसके बाद प्रशासन बबाल न होने देने की गारन्टी आन्दोलनकारी नेताओ से लेकर सहमत हो गया। इस बीच स्टेशन पर टेªन के पहुंचते ही आन्दोलनकारी भी पहुंच गये और उन्होने प्रतीकात्मक रेल रोककर गिरफ्तारी दी।
कैलाश पाठक के अलावा पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी, शिवराम कुशवाहा, पूर्व विधायक प्रतिनिधि सुरेन्द्र सिंह सरसेला, सुरेश निरंजन भइया जी , गिरेन्द्र सिंह कुशवाहा, प्रदीप दीक्षित, अशोक गुप्ता महाबली, अशोक द्विवेदी , विष्णुपाल सिंह नन्हू राजा , वीरपाल सिंह दादी, सफीकुर्रहमान कश्फी , लक्ष्मीनारायण चतुर्वेदी, छुन्ना हुसैन, विनय पाठक, सुरेन्द्र मौखरी आदि ने भी गिरफ्तारी दी।








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