
उरई | बसपा का साइलेंट हाथी बड़ा छुपा रुस्तम है जिससे चुनावी गणितज्ञों की आँखे उसकी चाल भांपने में धोखा खा जाती हैं | इस बार भी यही नजारा है | जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में उसकी अदृश्य रफ़्तार चकमा दे रही है जबकि उसके प्रत्याशी मुख्य मुकाबले में मजबूती से जगह बना चुके हैं |
जिले में इस बार बसपा ने सवर्ण उम्मीदवारों से परहेज कर अपने पुराने समीकरण पर भरोसा किया है | इसके तहत माधौगढ़ से शीतल कुशवाहा , कालपी से श्याम पाल छुन्ना और उरई से सत्येन्द्र सिंह और उरई से को उम्मीदवार बना कर बसपा ने उस जमाने की याद दिला दी जब माधौगढ़ से शिवराम कुशवाहा , कालपी से श्रीराम पाल , उरई से अकबर अली और कोंच से चैनसुख भारती इसी समीकरण के कारण चारों जगह बसपा विजय पताका फहराने में सफल रही थी |
हालांकि इस समीकरण से इस वार मुस्लिमों के छिटके होने के कारण कमी महसूस हो रही रही है जिसके लिए बसपा के नेता मुसलामानों को रिझाने में पूरी ताकत लगाए हुए हैं | इस बीच 14 फरवरी को बसपा सुप्रीमो मायावती की सभा प्रस्तावित है जो बसपा का सबसे बड़ा शो होगा |
इसी बीच गत दिवस कलेक्ट्रेट रोड पर मंशापूर्ण हनुमान मंदिर के पास उरई क्षेत्र के प्रत्याशी सत्येन्द्र सिंह श्रीपाल के चुनाव कार्यालय का उदघाटन बुंदेलखंड कोआर्डीनेटर लालाराम अहिरवार ने किया | इस अवसर पर जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी , पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शिरोमणि , जिला पंचायत सदस्य मनोज याज्ञिक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे \ पाल समाज के 7 प्रमुख लोगों ने इस दौरान मायावती के नेतृत्व में आस्था प्रकट करते हुए बसपा में शामिल होने की घोषणा की | बसपा जिलाध्यक्ष ने माला पहिना कर उनका स्वागत किया |







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