* पत्रकार वार्ता में बताया, लोकसभा अध्यक्ष ने बुंदेलखंड राज्य के प्रस्ताव पर चर्चा कराना स्वीकार कर लिया है

कोंच। जानेमाने फिल्म अभिनेता प्रथक बुंदेलखंड राज्य के अगुवाकार और बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष राजा बुंदेला ने कहा है कि राज्यसभा में भाजपा का बहुमत नहीं होने के कारण अलग बुंदेलखंड राज्य निर्माण का मसला लटका हुआ है। बुंदेलखंड के हमीरपुर महोबा सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने सदन में बुंदेलखंड राज्य निर्माण का प्रस्ताव रखा है जिसे लोकसभा अध्यक्ष ने चर्चा के लिए स्वीकार कर लिया है। यह बात उन्होंने नदीगांव रोड स्थित प्रतीक महंत के प्रतिष्ठान पर पत्रकारों से कही।

विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में बुंदेलखंड भर में कैंपेन करने निकले बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष राजा बुंदेला ने साफतौर पर कहा कि उन्होंने बुंदेलखंड अलग राज्य निर्माण की मांग को न छोड़ा है और न ही मरते दम तक छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल का लोकसभा में लाया गया प्रस्ताव भले ही व्यक्तिगत के तौर पर लाया गया है लेकिन पार्टी के सांसद होने के नाते पार्टी फोरम पर लाया जाना जरूरी होता है और भाजपा की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद ही इसे सदन के पटल पर लाया गया है। इसका मतलब साफ है कि भाजपा छोटे राज्यों की पक्षधर है और आने वाले दिनों में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद स्थितियां बदलेंगी और बुंदेलखंड राज्य अस्तित्व में होगा।

राजा बुंदेला ने कहा, कांग्रेस रिजीम में गोविंद बल्लभ पंत ने बना बनाया बुंदेलखंड राज्य तोड़ दिया था, सपा तो शुरू से ही छोटे राज्यों की विरोधी रही है, सिर्फ भाजपा ही ऐसा दल है जो छोटे राज्यों का पक्षधर है। अब यह लोगों को तय करना है कि वे बुंदेलखंड राज्य के विरोधियों के साथ खड़े रहना चाहते हैं या भाजपा के जिसने जाति, वर्ग और सम्प्रदाय का भेद किए बिना सभी को शौचालय, सभी को रहने के घर, जरूरतमंदों को मुफ्त राशन, हर घर जल हर घर नल योजना के माध्यम से पीने के लिए शुद्ध पानी, अन्ना प्रथा को रोकने के लिए गांव गांव गौशालाएं दी हैं। आसन्न विधानसभा चुनाव कई तरह से काफी अहम है क्योंकि यह चुनाव यूपी का भविष्य तय करने वाले हैं। इस दौरान सुदर्शन पाणि दास महंत, प्रतीक महंत, रंजीत कुशवाहा आदि मौजूद रहे।

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