उरई| जनपद जालौन में पाठ्य-पुस्तक क्रय एवं निःशुल्क वितरण की धनराशि 293.77 लाख व 171.00 लाख में हुये घोटाले और गंभीर वित्तीय अनियमितता की जॉच अंकुर कौशिक आईएएस / उपजिलाधिकारी कदौरा व सिटी मजिस्ट्रेट उरई की दो सदस्यीय समिति कर रही है ।
पाठ्य-पुस्तक क्रय एवं निःशुल्क वितरण की धनराशि 293.77 के घोटाले में शैक्षिक सत्र 2021 – 2022 में जनपद जालौन के परिषदीय, सहायता प्राप्त प्राथमिक / उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक कक्षावार व विषयवार पंजीकृत नामांकन के अनुसार पाठ्य-पुस्तकें व कार्य-पुस्तिकाएँ शासन द्वारा निर्धारित अंतिम तिथि, क्रय अनुबंध की तिथि से 90 दिन व्यतीत हो जाने के उपरांत भी लाभार्थियों तक पहुंचाया नहीं गईं हैं । पंजीकृत नामांकन के सापेक्ष पाठ्य-पुस्तकें व कार्य-पुस्तिकाएँ क्रय नहीं की गयी केवल बिल बाउचर के अनुसार भुगतान कर शासकीय धन का गबन किया गया है। संबन्धित विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा प्रस्तुत अवशेष पाठ्य –पुस्तक / कार्य पुस्तिकाएँ मांग पत्र व प्रार्थना पत्र देने के उपरांत भी अद्यतन समस्त पाठ्य-पुस्तकें बीएसए जालौन ने छात्रों तक नहीं पहुंचाईं हैं । जो प्र0अ0 अवशेष पुस्तकों के मांग पत्र दे रहें हैं उनको बीएसए जालौन द्वारा डराया व धमकाया जा रहा है।
शासकीय धन का गबन किए जाने के लिए बीएसए जालौन द्वारा 100 % पाठ्य पुस्तक वितरण की असत्य, कूट रचित रिपोर्ट शासन को प्रेषित की गयी । परंतु शैक्षिक सत्र 2021-2022 में परिषदीय / सहायता प्राप्त विद्यालयों में पंजीकृत छात्रांकन के सापेक्ष पाठ्य – पुस्तकें / कार्य –पुस्तिकाएँ प्राप्त नहीं होने पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा अवशेष पाठ्य पुस्तक मांग पत्र बीएसए जालौन को दिये गए थे ।
विगत शैक्षिक सत्र 2020 – 2021 में भी शासन द्वारा पाठ्य – पुस्तक क्रय एवं निःशुल्क वितरण हेतु प्रेषित शासकीय धन 171.00 लाख की धनराशि में गबन किया था । निर्धारित पुस्तकों को क्रय न कर केवल बिल बाउचर के आधार पर शासकीय धन का गबन करने से अधिकांश विद्यालयों में समस्त छात्रों को पुस्तकें नहीं पहुंचाने के बावजूद 100 % वितरण रिपोर्ट तैयार कर न केवल जिला प्रशासन जालौन बल्कि विभागीय उच्चाधिकारियों को भी गुमराह किया गया था । पाठ्यपुस्तक क्रय व निःशुल्क वितरण की अनियमितताओं को छिपाने व जिला प्रशासन द्वारा करायी जा रही जाँच को प्रभावित करने, साक्ष्यों को मिटाने के लिए बीएसए जालौन श्री प्रेमचंद यादव अपने पद एवं प्राधिकार का दुरुपयोग कर शिक्षकों को डरा व धमका रहें हैं। जिसकी शिकायत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष/ अध्यक्ष जिला बाल संरक्षण समिति से की गई है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन द्वारा गठित की गई जांच समिति गरीब, साधनहीन छात्रों की किताबों को भ्रष्टाचार के दीमक की तरह खाने वाले बीएसए जालौन के गबन की सच्चाई सामने ला पाती है या नहीं।








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