ढाई आखर प्रेम के मार्च के स्वागत के लिए उमड़ पडा जन सैलाब

उरई | आज़ादी की 75 वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में इप्टा व कई अन्य जन संगठनों ने छत्तीसगढ़ के रायपुर से गत 9 अप्रैल से सामाजिक सौहाद्र और देश की  सांझी विरासत पर बल देने के लिए ढाई आखर प्रेम के नाम से सांस्कृतिक यात्रा शुरू की थी जो छत्तीसगढ़ के बाद झारखंड , बिहार से होती हुई 8 मई को उत्तर प्रदेश के बनारस पहुँची थी | उत्तरप्रदेश में इस यात्रा का 7 दिन 15 मई तक भ्रमण कार्यक्रम है जिसके बाद इसी तिथि को यात्रा  मध्यप्रदेश के इंदौर पहुँच जायेगी |

 उत्तर प्रदेश भ्रमण के अंतिम चरण में इस यात्रा ने शुक्रवार को कालपी में प्रवेश किया था | इस दिन यात्रा दल ने रात्रि विश्राम आटा में किया | जिले में दूसरे  दिन यानी आज शनिवार को  यात्रा ने पटेल चौराहे से बजरिया होते हुए वाया  माहिल तालाब राजमार्ग से गुजरते गांधी चबूतरे तक शान्ति मार्च निकाला | इप्टा के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र शुक्ला के संयोजन में निकाले गए इस मार्च में विभिन्न क्षेत्रों के जिले के  प्रबुद्ध महानुभावों ने सहभागिता की |

यात्रा का संचालन देवेन्द्र शुक्ला के अलावा राज पप्पन , संजीव ,दीपेश, डॉ धर्मेन्द्र कुमार , धनीराम  सहित इप्टा की पूरी स्थानीय टीम ने सफलता पूर्वक किया | नारे लगाते,  जनगीत गाते और नुक्कड़ नाटक मंचित करते हुए निकली यह  यात्रा रास्ते भर कौतूहल से भरे जन समूह के आकर्षण का केंद्र रही | मुख्य रूप से डॉ रामाधीन , यज्ञदत्त त्रिपाठी , सुधीर अवस्थी , गिरेन्द्र सिंह कुशवाह , डॉ आदित्य ,वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा , अशोक गुप्ता ,श्याम सुन्दर चौधरी ,  विनय पाठक,  गोपालजी मिश्रा , प्रताप यादव , अम्बरीश श्रीवास्तव , जाने माने शायर शफीकुर्ररहमान कश्फी , बुंदेलखंड के रफ़ी के नाम से प्रसिदध मिर्जा साबिर बेग , हरी शंकर याज्ञिक , इप्टा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश चन्द्र शर्मा ,रेहान सिद्दीकी ,  स्वाति राज , धनीराम , अतुल कुलश्रेष्ठ ,  डॉ अंकुर शुक्ला, डॉ सुभाष चंद्रा  ,अमज़द ,  धर्मेन्द्र सिंह आदि ने मार्च में हिस्सेदारी की |

इस बीच सरदार पटेल , बाबा साहेब आंबेडकर , माहिल तालाब स्थित गांधी पार्क , शहीद पार्क में भगतसिंह और उनके साथियों सुखदेव और राजगुरु,  इसके बाद शहीदे आज़म चौराहे पर भगत सिंह की प्रतिमाओं और गांधी चबूतरे पर माल्यार्पण किया गया | यात्रा दल के मेहमान सदस्यों में प्रसिद्ध रंगकर्मी राकेश , शायर ओम प्रकाश नदीम, सुमन श्रीवास्तव , शहजाद रिजवी , राजेश श्रीवास्तव , मृगेंद्र सिंह , राकेश सिंह , अवधू आज़ाद , इच्छाशंकर , विपिन मिश्रा , शाहबुद्दीन , अतुल कुमार , विष्णु गुप्ता , गरिमा सिंह , अंजलि सिंह , कविता यादव , सविता यादव , सोनी यादव , पूजा प्रजापति , आरती प्रजापति , दिलीप रघुवंशी , असलम खान , संजय सिंह , कमल गोस्वामी थे |   

   उरई के बाद यात्रा हरदोई गूजर पहुँची जहां  1857 की क्रान्ति के अग्रदूतों का उनके  फांसी स्थल पर फूल मालाएं चढ़ा कर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जनवादी तर्पण किया गया | यात्रा दल का आज के दिन का अंतिम पड़ाव कोंच में हुआ जहां कल तीसरे दिन यात्रा के कोंच में कई कार्यक्रम होंगे और रात्रि विश्राम भी कोंच में ही रहेगा | | यात्रा दल इसके बाद जालौन कस्बे में पहुंचेगा जहां प्रथम स्वाधीनता संग्राम की एक बड़ी हस्ती  ताई बाई के स्थान पर पहुँच कर श्रर्द्धांजलि अर्पित की जायेगी | रात्रि विश्राम भी जालौन में ही होगा | रविवार को चुर्खी और बिलायाँ में प्रथम स्वाधीनता संग्राम के वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित  कर यात्रा चिरगांव में  राष्ट्रकवि मैथली शरण गुप्ता की प्रतिमा पर फूल मालाएं चढाने के बाद झांसी प्रवेश कर जायेगी |  

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