लेखपाल का कारनामा,एक शिकायत की दो-दो आख्या रिपोर्ट

माधौगढ़- एक और जिला जन शिकायतों के निस्तारण में प्रदेश में तीसरे स्थान पाकर वाहवाही लूट रहा। वहीं जन शिकायतों के निस्तारण में लेखपाल घर बैठकर फर्जी तरीके से आख्या रिपोर्ट बना कर मामले निस्तारित दिखा देते हैं। जबकि मामले तीन 3 साल से पेंडिंग पड़े हुए हैं। 

राजाबाबू पुत्र रामस्वरूप निवासी ग्राम भाऊपुरा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजते हुए कहा खाद के गड्ढे के बाबत 1076 पर शिकायत की गई थी। जिस पर मौजा के लेखपाल ने स्थलीय निरीक्षण कर 21 अप्रैल को आख्या बना दी। जिसमें खलिहान की गाटा संख्या 303 के पूर्व में अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध धारा 67 के तहत कार्रवाई विचाराधीन कहा तथा एक और अवैध कब्जेदार गयाप्रसाद पुत्र चिंतामन के विरुद्ध धारा 67 की कार्रवाई विचाराधीन बताया। लेखपाल द्वारा लोगों से मिलकर उसी शिकायत में दूसरी आख्या उसके विपरीत बनाकर उच्च अधिकारियों को दी गई। यानी लेखपाल घर बैठकर फर्जी हस्ताक्षर बनाकर शिकायतों का निस्तारण करने में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला वर्ष 2017 से माधौगढ़ तहसील में लंबित है। ममता देवी कोमेश निवासी ऊमरी माधौगढ़ के दाख़िल खारिज का मामला वर्ष 2017 से डला हुआ है। जिसमें कई बार 1076 पर शिकायत हुई तो लिखित भी एसडीएम,तहसीलदार को शिकायत हुई लेकिन समस्या निस्तारण नहीं हो सकी है। ऐसे में जन समस्या निस्तारण में जिले का अव्वल आना ताजुब्ब होता है।

Leave a comment