उरई | सट्टा किंग के नाम से चर्चित रामकरन खरका की 2 करोड़ 25 लाख की चल अचल सपत्ति कुर्क करके प्रशासन ने अपने हस्तगत कर ली है | माफिया विरोधी अभियान के तहत जिले में यह पहली बड़ी गाज गिरी है जिससे तमाम दूसरे सट्टे बाजों और माफियायों के होश उड गए हैं |
इस कार्रवाई से लोगों को अमिताभ यश का ज़माना याद आ गया है जब संगठित जुआ का जोर जिले में छाया हुआ था | उस समय कई पेशेवर जुआ खिलवाने वालों ने करोड़ों रूपये की जायदाद बना ली थी जबकि उनके कारण कई लोगों के घर , मकान और खेत बिक गए थे और पुलिस कार्रवाई के नाम पर केवल जुआ एक्ट में छुटपुट चालान करके अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रही थी | ऐसे में अमिताभ यश अवतार बन कर जिले में एस पी के रूप में पदस्थ हुए और उन्होंने मगरमच्छ जुआ संचालकों को चिन्हित कर गैंगस्टर की कारवाई करते हुए उनकी तमाम संपत्ति जब्त करके उन्हें सड़क पर ला दिया जिसके बाद कई वर्षों के लिए जुएबाजी के पैर उखड गए | अब इसी इतिहास को दोहराने का काम किया है मौजूदा पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने |
सट्टा किंग राम करण खरका भी जब तब चालान करवा कर ताकि उसके हमदर्द पुलिस वालों की खाल बची रहे बेख़ौफ़ अपना धंधा जारी रखता था लेकिन इस बार कोतवाली पुलिस में उसके खिलाफ गिरोहबंदी का मुकदमा दर्ज होने के बाद एस पी रवि कुमार ने उस पर शिकंजा कसना शुरू किया तो उसने समय रहते अंदाजा नही लगा पाया कि बात निकली है तो इतने दूर तलक जायेगी | रवि कुमार ने कोटरा के अपने विश्वसनीय तेजतर्रार प्रभारी निरीक्षक कृष्ण पाल को इस मामले की विवेचना सौंपी जिन्होंने पूरी कुशलता से सारे साक्ष्य जुटा कर जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन से राम करण की सारी चल चल संपत्ति कुर्क करने का आदेश पारित करा लिया |
इस क्रम में कल उन्होंने राम करण के 4 ट्रक , एक चार पहिया वाहन , एक स्कूटी , उरई के गांधी नगर मोहल्ले में स्थित उसकी सभी सुविधाओं से सुसज्जित ऐशगाह और मौखरी मौजा स्थित पत्नी के नाम का भूखंड जब्त कर उप जिलाधिकारी सदर के निर्देश पर नायब तहसीलदार चंद्रकांत तिवारी के सुपुर्द कर दिया | इसके बाद सारे सट्टेबाजों में खलबली मच गयी है और अन्य माफिया भी दहशत में आ कर भूमिगत हो गए हैं | कुछ और सट्टा किंग हैं जो कभी भी ऐसी ही कार्रवाई के लपेटे में आ सकते हैं | उरई में तो आई पी एल तक पर सट्टा खिलवाने वालों के गैंग सक्रिय हैं जिन्हें पुलिस ने अभी तक अपनी निगाह से जाने अनजाने ओझल रखा है | क्या इनकी भी बारी आएगी | अब देखना है कि बकरे की माँ कब तक खैर मनाती है |
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