माधौगढ़-संपूर्ण समाधान दिवस में नई जिलाधिकारी चांदनी सिंह 12:11 पर आई और 12:51 पर वापस चली गईं। महज 40 मिनट में उन्होंने फरियादियों की शिकायतें सुनी और अधीनस्थों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की हिदायत देकर वापस चली गई। हालांकि प्रशासनिक व्यस्तता रही होगी फिर भी नई जिलाधिकारी के कम समय रुकने से फरियादी मायूस नजर आए। एक सप्ताह पूर्व जिले में आईं जिलाधिकारी की कार्यशैली से आमजन को कुछ उम्मीद जगी है। माधौगढ़ में भी लोगों को अपनी पीड़ा! बताने की व्याकुलता! देखी जा रही थी पर जिलाधिकारी देर से आई और जल्दी चली गई। उनके सामने मुश्किल से एक दर्जन लोग ही समस्याएं बता सके। उसके बाद अन्य जिलास्तरीय अधिकारियों के अलावा उपजिलाधिकारी पुष्करनाथ चौधरी ने ही जन शिकायतें सुनी।
*61 शिकायतें आईं,निस्तारण किसी का नहीं*
जिलाधिकारी चांदनी सिंह के सामने सम्पूर्ण समाधान दिवस में 61 शिकायतें आईं। जिसमें ज़्यादातर चक रोड, अवैध कब्जा को लेकर शिकायतें रहीं। पेंशन और हैडपम्प को लेकर भी लोगों ने शिकायतें की। सिरसा के प्रधान प्रतिनिधि लायक सिंह ने मरघट की जमीन पर अवैध कब्जा का मामला बताया तो पतराही प्रधान हुकुम सिंह सेंगर ने सचिवालय पर अवैध कब्जे की शिकायत की। दीपक सिंह ने माधौगढ़ सब्जी मंडी में अवैध कब्जे का मामला उठाया।
*आबकारी विभाग की शिकायत पर तल्ख़ हुई जिलाधिकारी*
आबकारी विभाग की शिकायत पर जिलाधिकारी ने विभाग के अधिकारी को पेश होने का आदेश दिया लेकिन कोई सामने नहीं आया। डीएम के तीन-चार बार आवाज देने पर भी कोई नहीं आया,जिससे वह नाराज़ नजर आईं।
*पहली बार तहसील में फीता काटकर किया प्रवेश*
तहसील में पहली बार कदम रखने के पहले राजस्व स्टॉफ ने जिलाधिकारी से फीता कटवाया। उसके बाद वह परिसर में अंदर दाख़िल हुई। हालांकि उनके आने के पहले पूरी तहसील को रंगाई-पुताई कर सजाया गया था,सभी कार्यालयों के रिकॉर्ड दुरुस्त किये जा चुके थे ताकि उनके निरीक्षण में कोई खामी न रहे।








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