माधौगढ़- प्रधानमंत्री मोदी हिंदुस्तान को डिजिटल युग में ले जाना चाहते हैं। लेकिन इस डिजिटल युग में आम आदमी का समय कितना बर्बाद होता है। इसकी कल्पना उनको नहीं होगी। माधौगढ़ की भारतीय स्टेट बैंक में एक ग्राहक पर 42 मिनट का समय लगता है। सोचिए! इस डिजिटल युग का फायदा किसे है? माधौगढ़ भारतीय स्टेट बैंक में हजारों ग्राहक हैं। सबसे बड़ी बैंक होने के नाते ज्यादातर ग्राहकों को अपने कामों से बैंक में आना पड़ता है लेकिन जब उनका एक जमा और निकासी पर पूरा दिन निकल जाता है। तो उन से पूछिए कि उन पर क्या बीतती है। बैंक में ज्यादातर नई उम्र का स्टाफ है। जिन्हें ग्राहकों से बात करने की तहजीब भी नहीं। जिसका कारण है कि ग्राहकों से उनकी आए दिन बहस भी होती है।
रामपुरा के शहर काजी ग़ुलाम मुस्तफ़ा नूरी ने बताया कि बैंक में वह एक काम से आये थे लेकिन दो घंटे के बाद काम हो रहा है। सावित्री देवी 3 बजकर 15 मिनट पर बैंक में पहुंची। उसके 42 मिनट बाद उनकी निकासी हो पाई। निकासी काउंटर पर नई ज्वानिंग के विशाल पाराशर ने समय लगाया उसके बाद वाउचर को पास कराने के लिए पीओ हर्षित के काउंटर पर भेजा गया। जहां भी काफी समय लगा। हर्षित के काउंटर पर अन्य काम होने के कारण जमा निकासी वाउचर को पास करने में घंटो लगता है। ग्राहक कोई बात करें तो अभद्रता से बात करते हैं। हालांकि बैंक की अव्यवस्था पर शाखा प्रबंधक सत्यजीत सिंह ने कहा कि अभी स्टॉफ नया है,जल्द व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाएगी।








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