नाका में छह माह से नहीं खुला आंगनबाड़ी केन्द्र, सरकारी योजनाओं की मांनिटरिंग के नाम पर आंख मूंदे हैं अधिकारी

नाका में छह माह से नहीं खुला आंगनबाड़ी केन्द्र, सरकारी योजनाओं की मांनिटरिंग के नाम पर आंख मूंदे हैं अधिकारी
उरई। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की अधिकारियों द्वारा मांनिटरिंग नदारत है। कदौरा ब्लाक के नाका, पण्डौरा आदि ग्रामों में छह माह से आंगनबाड़ी केन्द्र नहीं खुले जिससे नौनिहालों की सेहत और भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। चाइल्ड लाइन की खुली सभा में स्वयं बच्चों ने आंगनबाड़ी योजना पर सरकार और प्रशासन को यह आइना दिखाया।
नाका में न तो बच्चों को पुष्टाहार कई महीनों से वितरित हो रहा है और न ही गर्भवती महिलाओं को। इसकी शिकायते लगातार आ रही थी। इस बीच चाइल्ड लाइन की टीम गांव में पहुंची जहां उसने चाइल्ड लाइन हेल्प लाइन 1098 नम्बर की जानकारी देने के लिए टीम ने खुली सभा की। इसमें बालिकाओं को गुड टच और बेड टच के बारे में बताया और कहा कि मां बहिन के अलावा अन्य कोई गलत मंशा से उन्हें नाजुक स्थानों पर स्पर्श करता है तो उसके खिलाफ शिकायत करें।
इसी दौरान ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव का आंगनबाड़ी केन्द्र छह माह से खुला तक नहीं है पुष्टाहार वितरण तो दूर की बात है। शिशुओं को पढ़ाई लिखाई के लिए अल्पावस्था से प्रेरित करने का प्रयास भी इसके चलते औंधे मुंह पड़ा नजर आ रहा है। अधिकारियों द्वारा सरकारी योजनाओं की मांनिटरिंग केवल कागजों पर होती है। जिसकी वजह से वे इसे अभी तक संज्ञान में नहीं ले सके हैं। यही स्थिती पण्डौरा गांव की बताई गई। चाइल्ड लाइन की टीम ने आश्वासन दिया कि वे इसकी जानकारी डीएम मेडम को पहुंचायेंगे और डीएम मेडम जरूर ही इस पर एक्शन लेंगी।

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