चने की किट वितरण पूरा होने के पहले ही लापता , आखिर भ्रष्टाचार की गुफा में समाया

जालौन-उरई । रबी  की फसल की बुआई का समय होने के चलते बीज लेने के लिए राजकीय कृषि बीज गोदाम केंद्र पर बड़ी संख्या में किसान पहुंच रहे हैं। एक ओर किसानों को बीज लेने के लिए घंटों खड़ा रहना पड़ता है। वहीं, चना के बीज की डिमांड अधिक होने से लोगों को चना का भंडारण समाप्त हो रहा है। 

चुर्खी रोड स्थित राजकीय कृषि बीज गोदाम पर लघु एवं सीमांत पात्र किसानों को निशुल्क बीज का वितरण किया जा रहा है। निशुल्क बीज मिलने से केंद्र पर किसानों का जमावड़ा लग रहा है। किसानों को निशुल्क बीज के लिए जमावड़ा लग रहा है। गोदाम पर चना के बीज के 500 पैकेट, सरसों के 900 पैकेट व मसूर के 850 पैकेट निशुल्क वितरण के लिए आए थे। जिनका वितरण गोदाम पर हो रहा है। सबसे अधिक डिमांड चने के बीज की है। किसान गोदाम से चना का निशुल्क बीज पाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। जबकि मसूर और सरसों के बीच की डिमांड कम है। सोमवार तक गोदाम पर चने के बीज के 420 पैकेट का वितरण हो चुका था और 80 पैकट का स्टॉक था। सरसों के 400 पैकेट और मसूर के 450 पैकेट का स्टॉक था। वहीं, चने की किट लेने आए किसान कमलेश कुमार, कौशल किशोर, सुरेश गढ़गुढ़गुवां, परमात्मा आदि को चना की किट न मिल पाने के कारण मायूस लौटना पड़ा। गोदाम प्रभारी रविकांत सेन ने बताया कि मंगलवार को केंद्र पर चने का स्टॉक समाप्त हो गया है। मसूर की 300 निशुल्क पैकेटों का वितरण मंगलवार को कराया गया है। गुरुवार 17 अक्टूबर को सरसों के पैकेट का निशुल्क वितरण कराया जाएगा। बताया कि गोदाम पर बिक्री के लिए दंतेबाड़ा मटर का 80 क्विंटल एवं चना का 40 क्विंटल स्टॉक है। इसके अलावा हरी मटर के लिए कीटनाशक एवं गेंहू के लिए कीटनाशक का स्टॉक भी गोदाम पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। किसान गोदाम से इन्हें खरीद सकते हैं।

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