उरई। ग्राम राहिया में अपनी प्लाट की साफ सफाई के लिये वन विभाग से अनुमति लेकर पेड कटवाने के बाबजूद उन्हें उठवाने में एक व्यक्ति को फैक्ट्री चौकी पुलिस की निहित स्वार्थ के प्रभाव में की जा रही अडंगेबाजी का सामना करना पड रहा है। पीडित ने उच्चाधिकारियों से इस मनमाने दखल के लिये फैक्ट्री एरिया चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम राहिया निवासी अशोक कुमार ने बताया कि 1986 में जब औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिये उसके ग्राम की भूमि का अधिग्रहण किया गया था तो उसकी जमीन बची रह गयी थी । उस समय कौडियों के मोल बिकने वाली राहिया की जमीन वर्तमान में बेशकीमती हो चुकी है इसलिये यूपीएसआईडीसी के कुछ कारिन्दे साजिश करके उसे अपने प्लाट के बारे में परेशान कर रहे है। उनका इरादा उसके प्लाट को भी अपने अधिग्रहीत क्षेत्र का बताकर उसे 1986 के रेट पर बेचने के लिये मजबूर करने का है ताकि निजी तौर पर वे उसे हासिल कर सके। उनकी तिकडम से परेशान होकर उन्होेने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया तो जिलाधिकारी ने एसडीएम से रिपोेर्ट तलब कर ली । एसडीएम ने राजस्व अभिलेखों के आधार पर सम्बन्धित भूमि का उसे संक्रमणीय भूमिधर मानते हुये यूपीएसआईडीसी के खाता न बही में जो कहूॅ वही सही नुमा दावे को खारिज कर दिया । इसके बाद उसने वन रेंजर से उक्त भूमि पर लगे एक दर्जन यूकेलिप्टस सफाई के वास्ते हटवाने की अनुमति मांगी जिसे प्राप्त करके उसने पेड कटवा लिये। इसी बीच उसकी भूमि को हथियाने के लिये दांत गडाये निहित स्वार्थो ने फैक्ट्री एरिया चौकी इंचार्ज को प्रलोभित कर लिया जिससे वे अनधिकृत तौर पर उन पेडो को प्लाट से हटाने नहीं दे रहे है। अशोक कुमार ने अपने साथ हो रही इस नाइंसाफी को रोकने और फैक्ट्री एरिया चौकी इंचार्ज पर तानाशाही दिखाने को लेकर कार्यवाही की मांग एसपी से की है। उधर इस बारे में फैक्ट्री एरिया चौकी इंचार्ज का पक्ष जानने की कोशिश की गयी तो उनसे सम्पर्क नहीं हो सका ।







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