उरई। मासूम के साथ दुष्कर्म कर हत्या के मामले में 2 अभियुक्तों को अदालत ने सात साल बाद दोष सिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास और 79-79 हजार रूपये अर्थ दंड की सजा सुनाई |

पाक्सो न्यायालय के जज विजय बहादुर सिंह ने सात साल से चल रहे मासूम के साथ दुष्कर्म, पाक्सो, हत्या के मामले के दो आरोपियों सिरसाकलार निवासी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के साथ ७९-७९ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। डीजीसी के निर्देंश पर मामले की पैरवी कर रहे लखनलाल निरंजन और शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह राजपूत ने बताया कि 15 अक्टूबर 2015 को सिरसाकलार थाना क्षेत्र के एक गांव में घर के बाहर मां के साथ सो रही आठ वर्षीय मासूम को अभियुक्तों  ने उठा लिया था। इसके बाद दुष्कर्म कर उसकी हत्या के बाद शव कुए में फेंक दिया था जो अगले दिन बरामद हुआ था। थाना में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उक्त आरोपियों बलराम कुशवाहा व अनुज उर्फ मलिक पर पाक्सो, दुष्कर्म, हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर पाक्सो कोर्ट के जज विजय बहादुर ने दोनों  को दोषी पाया और उक्त सजा सुनाई |  

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