कूड़ा कचरा नहीं कंचन की सोच अपना कर ग्रामीणों ने निस्वापुर के बदले सूरत हाल

उरई | कदौरा ब्लाक के निस्वापुर के ग्राम प्रधान ने गाँव वासियों के साथ अपने गांव को स्वच्छ और पानीदार बनाने का संकल्प लिया। वहीं  ग्रामीणों ने कूड़ा कचरा नही कंचन की सोच को समझा। यूनोप्स एवम ग्राम पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पंचायत निस्वापुर  में ग्राम पंचायत विकास योजना ( जीपीडीपी)  के तहत ग्रामसभा की खुली बैठक में इस मुद्दे पर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। 

ग्राम प्रधान सुभाष चंद्र ने ग्रामसभा सदस्यो के कहा कि हम सबको मिलकर अपने ग्राम को स्वच्छ बनाना है। कूड़ा कचरे के समुचित प्रबंधन के लिए सभी मिलकर प्रयास करे।

ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विजया रत्ना ने  यूनोप्स और ग्राम पंचायत द्वारा जीपीडीपी के लिए आयोजित ग्राम सभा की बैठक  सभी की सहभागिता से अपने ग्राम को माडल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा की अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने व ग्रे वाटर के प्रबंधन के लिए घर घर किचन गार्डन तैयार करे। ग्रामीणों को  कूड़ा कचरा का सुरक्षित निपटान के लिए जागरूक बनाए।

जल जीवन मिशन हर घर नल नमामि गंगे योजना में  काम कर रहे यूनोप्स के जिला सलाहकार देवेन्द्र गाँधी ने कहा  कि ग्रामीण अंचल में पीने के पानी की दिक्कत जल्द ही समाप्त होगी। हर घर नल/ टेप कनेक्शन से  गुणवत्तापूर्ण पीने का पानी उपलब्ध होगा। अब घंटो लाइन में लगकर पीने के पानी के लिए नही जूझना पड़ेगा।

इस अवसर पर प्रमोद कोमल, मुनीम, शिवनारायण, ममता, आरती, मंगला निगम, विमल आदि प्रमुखरूप से मौजूद रहे।

ग्रामीणों को जागरूक करने की मुहिम

निस्वापुर में ग्रामीणों को जागरूक करने की मुहिम में ग्राम प्रधान सुभाष चन्द्र ने कदम बढ़ाते हुए पूरे गांव के प्रमुख चौराहों पर माइक लगवाए है। ग्रामीण सचिवालय से सामाजिक मुद्दों, पानी की बचत, जल सरंक्षण, स्वास्थ्य, स्वच्छता जैसे मुद्दों पर नाटक, कहानी, गीत आदि के द्वारा प्रसारण किया जाता है। ग्रामीण अपने कार्य को करते हुए भी इस सुनते है। उनके इस मुहिम में ग्राम रोजगार सेवक मंगल प्रसाद, प्रमोद उर्फ कोमल, ममता, मंगला, पूजा, आरती, शिवनारायण, विमल, आदि समय समय पर सहयोग कर रहे हैं।

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