निपुण भारत परीक्षा के लिये नोड्ल बनाये गये डीएसओ का मदारीपुर बीआरसी पर नहीं था अता पता , डीएम ने एक दिन का वेतन रोका


उरई। जनपद में ब्लाॅक स्तर पर गुरूवार को आयोजित हुई निपुण भारत परीक्षा का जायजा लेने के लिये जिलाधिकारी विकास खण्ड के मदारीपुर ब्लाॅक संसाधन केन्द्र पर पहुंची तो ब्लाॅक के परीक्षा के लिये नोड्ल जिला पूर्ति अधिकारी नदारत मिले । जिलाधिकारी चांदनी सिंह का इस पर पारा चढ गया । उन्होंने मौके पर ही डीएसओ का एक दिन का वेतन रोकने का फरमान जारी कर दिया।
      ध्यान रहे कि आज की परीक्षा निपुण भारत मूल्यांकन का दूसरा चरण था। पहले चरण में प्रत्येक स्कूल के सबसे प्रतिभावान 1 से 3 तक के बच्चों के मूल्यांकन हेतु परीक्षा कराई गयी थी । दूसरे चरण में प्रत्येक न्याय पंचायत में सामने आये 3 सर्वोत्तम बच्चों के बीच बौद्धिक प्रतिस्पर्धा हुयी । तीसरे चरण में इनमें से चयनित सर्वोत्तम बच्चों की जिला स्तर पर प्रतिस्पर्धी परीक्षा कराई जायेगी।
     जिलाधिकारी चांदनी सिंह ने कहा कि उन्हें खुशी हो रही है कि बच्चे इस प्रतियोगी परीक्षा में पूरी गम्भीरता दिखा रहे हैं । उन्होंने अध्यापकों को निर्देश दिये कि वे भी अपने उत्तरदायित्व का निष्ठा पूर्वक निर्वाहन करते हुये इन परीक्षाओं में निकलकर आने वाले जिले के सर्वाधिक प्रतिभावान बच्चों की बौद्धिक क्षमता को पूरी तरह निखारने का श्रम करेें जिससे उदाहरण बनकर वे अन्य बच्चों में भी उनके समकक्ष पहुंचने की ललक पैदा कर सकें।
     इसके पश्चात जिलाधिकारी ने मदारीपुर में ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षा 6 व कक्षा 7 के बच्चों का स्तर आंकने के लिये उनसे सवाल जबाव किये तो उन्होने सरलता पूर्वक जबाव दे दिये जिस पर जिलाधिकारी ने उनका उत्साह वर्धन किया। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया कि बच्चों की पढाई की गुणवत्ता में कोई कमी न आने दें। यह सुनिश्चित किया जाये कि अध्यापक छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करें। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को जिस विषय में रूचि हो उसी विषय में उन पर ज्यादा मशक्कत की जाये। 

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