उरई | उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता केंद्र प्रभात यादव ने बताया कि लखनऊ में फरवरी 2023 के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जाने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जिले में 200 करोड़ रू० का निवेश कराने के लिये उद्योग विभाग को लक्ष्य दिया गया है। इसके लिये जिले के भावी उद्यमियों से समिट में प्रतिभाग करने के लिये आवदेन मांगे गये हैं । जिले को आंवटित लक्ष्य पूरा करने के लिये तथा निवेशकों की सुविधा व परामर्श के लियें जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, उरई में इन्वेस्टर्स हेल्प डेस्क की स्थापना की गयी है, जिसके नोडल सहायक आयुक्त उद्योग योगेश कामेश्वर नामित किये गये हैं , जिसमें उद्यम स्थापना में किसी भी प्रकार की आने वाली समस्याओं के समाधान के लियें सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।
औद्योगिक संगठनों, उद्यमियों, निर्यातको तथा भावी उद्यमियों को अधिक से अधिक निवेश के लिये प्रोत्साहित करने के बाबत प्रदेश सरकार की ओर से नवीन एम०एस०एम०ई० नीति बनायी गयी है, जो 2017 की एम०एस०एम०ई० नीति की तुलना में अधिक व्यवाहरिक है। नयी नीति में सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम श्रेणी की इकाईयों को क्रमशः 25 प्रतिशत, 20 प्रतिशत एवं 15 प्रतिशत की छूट प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गयी है। अनुसूचित जाति / जनजाति व महिला उद्यमियों को 2 प्रतिशत अतिरिक्त निवेश प्रोत्साहन सहायता प्रदान की जायेगी। इस विषय में दिनांक 20.12.2022 को अपरान्ह 4:00 बजे रानी लक्ष्मीवाई सभागार, विकास भवन उरई में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक बैठक आहूत की गयी है। बैठक में जिले के प्रमुख उद्यमियों को भी आमंत्रित किया गया है, जिसमें नई नीति के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की जायेगी। इस दौरान उद्यमियों को लखनऊ में आयोजित समिट में प्रतिभाग करने के लिये प्रेरित भी किया जायेगा। लगभग 80 करोड़ के निवेश प्रस्ताव उद्योग विभाग को प्राप्त भी हो चुके हैं।







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