उरई। अप्रैल माह को “अंबेडकर माह” के रूप में मनाते हुए जनपद में जहां एक ओर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच एवं दलित डिग्निटी एंड जस्टिस सेंटर द्वारा पूरे जिले की पाँचों तहसीलों में भव्य डॉ. अंबेडकर सम्मान यात्रा निकाली गई।
यात्रा की शुरुआत सुबह 8 बजे जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर चौराहे से हुई। यहां भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया गया और “जय भीम-जय संविधान” के गगनभेदी नारों के साथ 14 सदस्यीय टीम मोटरसाइकिलों पर सवार होकर यात्रा पर निकली।
यह सम्मान यात्रा उरई से कोंच, कोंच से जालौन, जालौन से माधौगढ़ और माधौगढ़ से कालपी होते हुए पुनः जिला मुख्यालय पहुंची, जहां एक बड़ी रैली एवं सभा का आयोजन किया गया। यात्रा के दौरान मार्ग में जहां-जहां बाबा साहब की प्रतिमाएं मिलीं, वहां माल्यार्पण किया गया। साथ ही तहसील मुख्यालयों पर नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया गया।
यात्रा का उद्देश्य भीमराव अंबेडकर के दिए संदेश—“शिक्षित बनो, संगठित हो, संघर्ष करो”—को जन-जन तक पहुंचाना रहा। टीम का नेतृत्व विभिन्न तहसीलों के समन्वयकों द्वारा किया गया, जिनमें उरई से प्रदीप कुमार, कोंच से सनेशराजा, जालौन से उषा देवी व देवेंद्र अनिल, माधौगढ़ से सचिन चौधरी और कालपी से अनीता व सुरेंद्र प्रमुख रहे।
इस दौरान एड. निकहत परवीन, एड. अजय सिंह, एड. किरन मेहरा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता भी यात्रा में शामिल हुए और जनजागरण का संदेश दिया।
बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच एवं दलित डिग्निटी एंड जस्टिस सेंटर के संस्थापक/संयोजक एड. कुलदीप कुमार बौद्ध ने बताया कि डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में पूरे अप्रैल माह को “दलित हिस्ट्री मंथ” के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत जिले के 135 से अधिक गांवों में जयंती कार्यक्रम, दलित सम्मान एवं न्याय सभाएं आयोजित की जा रही हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि जिले में स्थापित बाबा साहब की प्रतिमाओं का सर्वेक्षण कर उनकी स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को ज्ञापन के माध्यम से सौंपा जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में लोगों से अपील की गई कि वे शिक्षा, संगठन और जागरूकता के इस अभियान से जुड़कर बाबा साहब के मिशन को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।







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