जालौन-उरई । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के अंतर्गत संकुल का वार्षिक अधिवेशन विकास खंड परिसर में किया गया। जिसमें बताया गया कि ब्लॉक क्षेत्र की 62 ग्राम पंचायतों में 763 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। जिनमें 5000 से अधिक ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर स्वयं की आय अर्जित कर रही हैं।
ब्लॉक परिसर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के अंतर्गत आयोजित वार्षिक अधिवेशन में उपायुक्त एनआरएलएम अवधेश दीक्षित ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की है। जिसके अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के लिए धन उपलब्ध कराया जा रहा है। महिलाएं इस धन का उपयोग कर स्वरोजगार कर रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। बीडीओ संदीप कुमार ने बताया कि ब्लॉक क्षेत्र की 62 ग्राम पंचायतों में 763 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। ग्राम संगठनों की संख्या 58 है। इन समूहों की देखरेख के लिए 46 समूह सखी बनाई गई हैं। आईजीआरएफ की संख्या 13 है। समूहों के बैंकों में खातों के संचालन की जिम्मेदारी 9 बैंक सखियों को सौंपी गई है। बीसी सखियों की संख्या 48 है। मनरेगा के काम के निरीक्षण के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक महिला मेट बनाई गई है। इसी प्रकार प्रत्येक गांव में सामुदायिक शौचालय के केयर टेकर की जिम्मेदारी 62 महिलाओं को सौंपी गई है। बताया कि इन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ब्लॉक क्षेत्र में 5000 से अधिक महिलाएं स्वरोजगार कर रही हैं। जिनमें सब्जी उत्पादन, सब्जी की दुकान, मूंगबरी, मूंग पापड़, कपड़े की दुकान, जनरल स्टोर, मसालों का उत्पादन, मोमबत्ती, अगरबत्ती उत्पादन आदि प्रमुख हैं। अधिवेशन में वंदेमातरम संकुल समूह सिकरीराजा, जय भारत माता संकुल समूह, जीवन ज्योेति संकुल समूह जगनेवा आदि समूहों ने प्रतिभागिता की। इस मौके पर डीएमएम धर्मेंद्र जैन, मयंक गोस्वामी, मनीष निरंजन, बीएमएम सुनीता देवी, सुनीता यादव आदि मौजूद रहे।








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