उरई। 135वीं जयंती के अवसर पर भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए करुणामयी महिला संघ के तत्वाधान में करमेर रोड, राजेंद्र नगर पुलिस चौकी के सामने से भव्य शोभायात्रा एवं विशाल प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में महिलाओं, बच्चों और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शोभायात्रा में बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक झांकियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इन झांकियों में सावित्रीबाई फुले, झलकारी बाई, फातिमा शेख, ज्योतिराव फुले, जीजाबाई और अवंतीबाई लोधी जैसे महान व्यक्तित्वों के जीवन को जीवंत रूप में दर्शाया गया। बच्चों की भागीदारी और प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
इस अवसर पर करुणामयी महिला संघ की पदाधिकारियों ने कहा कि भीमराव अंबेडकर महिलाओं के सच्चे मुक्तिदाता और भाग्य विधाता रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि बाबा साहब ने हिंदू कोड बिल के माध्यम से महिलाओं को अधिकार न दिलाए होते, तो आज समाज में महिलाओं की स्थिति इतनी सशक्त नहीं होती।
महिलाओं ने बाबा साहब के उस विचार को भी दोहराया कि “किसी भी समाज की प्रगति को उसकी महिलाओं की प्रगति से मापा जा सकता है।” इस संदेश के साथ समाज में शिक्षा, समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रभा बौद्ध, अर्चना गौतम, अंजू चौधरी एडवोकेट, रजनी गौतम, आकांक्षा बौद्ध, नीतू (किशोरी), गीता भारती, शिक्षा गौतम, वंदना गौतम, मीनू गौतम, विनोद कुमारी, कल्पना भारती, यशोधरा दिनकर, सुशीला दोहरे, रेखा चौधरी, गरिमा गौतम, कंचन भारती, विरमेश कुमारी, साधना अहिरवार, पुष्पा देवी, अंजू सिंह, संगीता, सीमा देवी, शशिवाला, रश्मि वर्मा सहित अनेक महिलाओं की सक्रिय भूमिका रही।
इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर यह साबित किया कि बाबा साहब के विचार आज भी समाज को दिशा देने और विशेषकर महिलाओं को सशक्त बनाने में प्रेरणास्रोत हैं।








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