अम्बेडकर जयंती पर गोष्ठी, शिक्षा में योगदान पर हुई चर्चा

कदौरा-उरई। अम्बेडकर जयंती के अवसर पर “भारतीय शिक्षा में डॉ. भीमराव अम्बेडकर का योगदान” विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय कदौरा में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ब्लॉक इकाई कदौरा के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रबुद्ध शिक्षकों एवं समाजसेवियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जालौन के जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान, विशिष्ट अतिथि ब्लॉक संरक्षक छुन्ना प्रसाद तथा वरिष्ठ शिक्षक परमानंद द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन पीएम श्री विद्यालय के शिक्षक शिवेन्द्र शेखर ने किया।

अपने उद्बोधन में प्रदीप सिंह चौहान ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि एक महान शिक्षाविद् भी थे। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक समानता और आत्मसम्मान प्राप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम बताया।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला कोषाध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने शिक्षा को “सामाजिक क्रांति का शस्त्र” माना। उनका प्रसिद्ध संदेश—“शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो”—आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने स्वयं उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज के वंचित वर्गों के लिए प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत किया और संविधान के माध्यम से शिक्षा को अंतिम पायदान तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया।

जिला संघर्ष समिति अध्यक्ष राजदेवर ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने भारतीय संविधान में समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांतों को स्थापित करते हुए सभी नागरिकों के लिए समान शैक्षिक अवसर सुनिश्चित किए।

कार्यक्रम के आयोजक एवं ब्लॉक इकाई अध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में डॉ. अम्बेडकर के शैक्षिक दृष्टिकोण को लागू करना अत्यंत आवश्यक है। शिक्षा केवल रोजगार का साधन न होकर व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक विकास और सामाजिक जिम्मेदारी का आधार होनी चाहिए।

ब्लॉक महामंत्री विजय तिवारी ने ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि डॉ. अम्बेडकर के विचार शिक्षा को सर्वसुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा दिखाते हैं।

गोष्ठी में ब्लॉक कार्यकारी अध्यक्ष चंद्रपाल, ब्लॉक संगठन मंत्री पवन सोनी, ज्ञानेश कुमार, अजय कुमार पांचाल, शिवकुमार, संतोष कुमार गौर, बृजेंद्र शेखर, मुकेश सिंह, लोकेश कुमार, मनीष कुमार, करण सिंह, प्रमोद कुमार, शकुंतला, प्रमिला, अतुल गुप्ता, हरगोविंद सिंह, राम शंकर, रामखेलावन, राजेंद्र सेंगर, दिनेश कुमार, सुमित, अनिल, राजा भैया, हरि सिंह, रिजवाना, पंकज, श्री बाबू, शिवम, इंद्रा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

अंत में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के ब्लॉक कोषाध्यक्ष दिलीप कुमार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों का अनुसरण करते हुए शिक्षा के माध्यम से समाज में समानता, न्याय और बंधुत्व की स्थापना के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

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