उरई। तहसील जालौन के उप जिलाधिकारी रिंकू सिंह राही की कार्यशैली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आए दिन विभिन्न वर्गों से मिल रही शिकायतों ने प्रशासनिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को ज्ञापन सौंपकर एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
संघ के जिला अध्यक्ष विद्यासागर मिश्र और जिला मंत्री नरेश निरंजन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि एसडीएम द्वारा शिक्षकों के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जाता है और व्हाट्सएप ग्रुपों में भी अनुचित टिप्पणियां की गई हैं। शिक्षकों का कहना है कि देर रात तक अनावश्यक निर्देश दिए जाते हैं, महिला शिक्षकों की लोकेशन ट्रेस कराने जैसी कार्रवाई की जाती है तथा वेतन रोकने की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है।
शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि जनगणना कार्य के दौरान एक कर्मचारी को निर्धारित सीमा से अधिक परिवारों का सर्वे कार्य सौंप दिया गया है, जिससे कार्यभार अत्यधिक बढ़ गया है। भीषण गर्मी में लगातार काम कराने और समय से पहले कार्य पूरा करने के दबाव से शिक्षक मानसिक तनाव झेल रहे हैं।
जिलाधिकारी से वार्ता के दौरान शिक्षक संघ ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि एसडीएम द्वारा अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त किया गया है तथा जनगणना कार्य में लगे किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं रोका जाएगा। उन्होंने शिक्षकों से बिना तनाव अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील भी की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन से सम्मानजनक और तनावमुक्त कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग उठाई।







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