उरई, 22 जून। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने यमुना नदी के दाहिने तट पर स्थित ग्राम समूह गुड़ा, हिम्मतपुर एवं शिवगंज को बाढ़ और कटान से सुरक्षित करने के लिए संचालित बाढ़ सुरक्षा परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि लगभग 6.87 करोड़ रुपये की लागत से संचालित इस परियोजना के तहत यमुना नदी के कटान प्रभावित क्षेत्र में 220 मीटर लंबाई में स्टोन बोल्डर से लांचिंग एप्रन तथा स्टोन पिचिंग का कार्य कराया जा रहा है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य बाढ़ के दौरान होने वाले कटान को रोकना तथा नदी किनारे बसे गांवों और कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि यमुना तटवर्ती गांवों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विगत वर्षों में बाढ़ और कटान से प्रभावित क्षेत्रों को स्थायी राहत प्रदान करने की दिशा में यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने निर्माण कार्यों को तकनीकी मानकों के अनुरूप और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि परियोजना पूर्ण होने के बाद लगभग 818.92 हेक्टेयर कृषि भूमि, 105 ग्रामीण आवासों तथा करीब 2950 लोगों की आबादी को बाढ़ एवं कटान के खतरे से सुरक्षा मिलेगी। इससे किसानों की आजीविका सुरक्षित होगी और क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी बनाए रखने तथा मानसून को देखते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से लोगों तक पहुंचना चाहिए, ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को दीर्घकालिक राहत मिल सके।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता सिंचाई धर्म घोष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




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