उरई। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली महत्वपूर्ण एवं निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने परियोजनावार भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, निर्धारित पूर्णता तिथि और पिछले माह की प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन परियोजनाओं का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें हर हाल में 30 सितंबर तक पूर्ण कराया जाए। पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें संबंधित विभागों को शीघ्र हस्तांतरित करने के भी निर्देश दिए, ताकि आमजन को उनका लाभ मिल सके।
समीक्षा में डायट जालौन में अतिरिक्त कक्ष, ऑडिटोरियम, टॉयलेट एवं मीटिंग हॉल निर्माण की 14 प्रतिशत, राजकीय हाईस्कूल खारका के उच्चीकरण की शून्य तथा मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय की 5.5 प्रतिशत प्रगति पर असंतोष जताया गया। कम प्रगति वाली परियोजनाओं के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर कार्य में तेजी लाने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि भूमि, बजट, तकनीकी स्वीकृति, विभागीय समन्वय अथवा अन्य किसी समस्या के कारण कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। ऐसी समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए और सभी कार्यदायी संस्थाएं संबंधित विभागों से समन्वय कर निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करें।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों से स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करने, मापनीय प्रगति सुनिश्चित करने तथा फोटो एवं भौतिक सत्यापन सहित अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए धनराशि का प्रभावी एवं समयबद्ध उपयोग करते हुए परियोजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।




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