जालौन। नगर के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष स्वर्गीय श्री राधेश्याम इटहिया की 15वीं पुण्यतिथि आज 2 सितंबर को उनके निज निवास पर श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों एवं उनके समर्थकों ने स्वर्गीय इटहिया के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके संघर्षपूर्ण जीवन और जनसेवा के कार्यों को याद किया।

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय राधेश्याम इटहिया अत्यंत संघर्षशील और जनहित के लिए समर्पित व्यक्ति थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में नगर और आम जनता की समस्याओं को लेकर अनेक आंदोलन किए तथा जनहित के मुद्दों के लिए निरंतर संघर्ष किया।

कामरेड कमलाकांत वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राधेश्याम इटहिया ने जालौन नगर के हितों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। जनसमस्याओं को लेकर उनके आंदोलनों के कारण उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी अपने संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ा।

बसी और रहमान सिद्दीकी ने कहा कि स्वर्गीय राधेश्याम इटहिया का संपूर्ण जीवन जनता की सेवा और जनहित के लिए निछावर रहा। उन्होंने हमेशा आम आदमी की आवाज को प्रमुखता से उठाया और जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने स्वर्गीय राधेश्याम इटहिया के जीवन, उनके संघर्षों और जालौन नगर के विकास एवं जनहित के लिए किए गए योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख रूप से अवनीश दीक्षित, पजुना, विवेक श्रीवास्तव, रामकिशोर द्विवेदी, ललिया महाराज, कोच ओम नारायण शर्मा, चंद्रशेखर वर्मा, कपिल तिवारी, अवधेश सोनी, अजमेरी, रयान, छविराम यादव, मोहम्मद अकरम, मोहम्मद मुकीम, रविकांत गोस्वामी, तुलसीराम कुशवाहा, शैलेंद्र गुप्ता, मन्नारायण, वसीम हक, पत्रकार प्रद्युम्न दीक्षित एवं इटहिया परिवार सहित दर्जनों लोगों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय राधेश्याम इटहिया का संघर्षशील जीवन और जनसेवा के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत जननेता को श्रद्धांजलि दी।

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