0 पुलिस की दुर्घटना की थ्योरी को बताया गलत
0 डीएम ने एसपी को दिये सूक्ष्म जांच के निर्देश
उरई। गत् 9 दिसंबर की रात डकोर रोड पर सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की मौत के मामले में उस समय नया रूप ले लिया जब एक मृतक के पिता ने आज जिलाधिकारी व नगर पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनकी हत्या करके दुर्घटना का रूप दिया गया है। जिसकी गवाही मौके की स्थितियां दे रही थी। लेकिन स्थानीय पुलिस ने पारिस्थितक साक्ष्यों की अनदेखी कर दी। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि पुलिस की मिली भगत से मामले को दबाया जा रहा है।
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय से एक विवाह समारोह में शामिल होकर घर जा रहे बाइक पर सवार जैसारी के तीन युवकों आशू सिंह (21वर्ष) पुत्र सुरेश सिंह, संतोष सिंह उर्फ गुणीराम (22वर्ष) और छोटू उर्फ रावेंद्र सिंह (18वर्ष) को गत् दिनों राठ रोड पर क्षत-विक्षत हालत में मृत पड़े पाया गया था। प्रारंभिक खबरों में कहा गया कि इनकी मौत बाइक में सुनसान रात में किसी अज्ञात वाहन द्वारा दी गई जोरदार टक्कर की वजह से हुई है। लेकिन आशू सिंह के पिता सुरेश सिंह ने रहस्योद्घाटन किया कि घटना स्थल पर उसका सिर धड़ से इस तरह अलग मिला था जिससे स्थितियां चीख-चीख कर किसी के द्वारा धारदार हथियार से उसका गला रेंते जाने की बात कह रहीं थीं। उन्होंने बताया कि छोटू उर्फ रविंद्र के सिर के पीछे भी छेद मिला। साथ ही उसका बांया हाथ टूटा हुआ था व ऊपर का हिस्सा कटा था। पुलिस को मौके पर बंदूक की बैरल की लकड़ी की चिप मिली है। उन्होंने कहा कि पूरी तरह घटना हत्या की प्रतीत हो रही है। लेकिन पुलिस ने मामले को रफा-दफा करने के लिए जल्दी-जल्दी सभी शवों का पोस्टमार्टम करा दिया।
जिलाधिकारी ने उनके ज्ञापन को पुलिस अधीक्षक को यह लिखते हुए अग्रसारित कर दिया है कि दोबारा उक्त घटना की जांच कराई जाये जिसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने देने की गारंटी को सुनिश्चित किया जाये। लगभग आधा दर्जन ट्रैक्टर में भरकर जैसारी कलां के लोग आये थे। उन्होंने बताया कि हमेशा की तरह इस मामले में भी गांव के एक आदमी पर आई विपत्ति से जूझने के लिए पूरा गांव एक जुट है।






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