0 सुनील ने रेल मंत्रालय सहित सांसदों को भी लिखे हैं पत्र
0 सुबह का फेरा बढाने को फिर पैरोकारी
11orai10कोंच-उरई। अगले कुछ दिनों में नया रेल बजट आने को है, ऐसे में कोंच इलाके के बाशिंदों को भी इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। उनकी उम्मीदें न सिर्फ कोंच के यात्रियों के लिये सुविधायें बढ़ाये जाने को लेकर हैं अपितु उम्मीद यह भी है कि एट-कोंच रेल लाइन का सेवा विस्तार भी इस बजट में कहीं न कहीं प्रतिध्वनित होगा और इस पिछड़े इलाके को विकास की मुख्य धारा में आने का अवसर मिलेगा। इसके लिये यहां के लोग बाकायदा एक मुहिम सी भी चला रहे हैं जिसमें रेल मंत्रालय को चिट्ठियां लिखने से लेकर सांसद जैसे जनप्रतिनिधियों को स्मरण पत्र देकर संसद और रेल भवन में पैरोकारी करने के लिये उन्हें उनका बल याद दिलाना भी शामिल है। इधर, समाजसेवी अधिवक्ता सुनील लोहिया लगातार रेल विभाग से सुविधायें मांगने के लिये पत्राचार करने में लगे हैं। उन्होंने सांसद भानुप्रताप वर्मा के अलावा राज्यसभा सदस्य डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव को भी इस बाबत पत्र लिखे हैं।
एट-कोंच लाइन को आगे भिंड तक ले जाने बाला एक सर्वे रेल विभाग द्वारा स्वीकार किया गया है और इस परियोजना पर विभाग धीरे धीरे आगे बढ रहा है और प्राथमिक जानकारियां अपने अधिकारियों को भेज कर हस्तगत करने में जुटा है। रेल विभाग की इसी सक्रियता को देखते हुये इलाके की तकरीबन पांच लाख की आबादी उम्मीद लगा बैठी है कि आसन्न रेल बजट में शायद इस लाइन को कुछ सौगात मिल जाये। अधिवक्ता सुनील लोहिया ने सांसद भानुप्रताप वर्मा को लिखे एक ताजा पत्र में कहा है कि जहां उनके अथक प्रयासों से झांसी-कानपुर रेल पथ के दोहरीकरण का कार्य प्रगति पर है, वहीं कोंच-फफूंद, कोंच-जालौन, भिंड-उरई-महोबा तीन नई लाइनों के बिछाये जाने की सर्वे स्वीकृति हेतु योजना आयोग को संदर्भित किया जाना उनकी सक्रियता दर्शाता है। इसी माह रेल बजट आने बाला है जिसमें इन लाइनों के बिछाये जाने के लिये धनराशि स्वीकृत कराते हुये बजट में उसकी घोषणा करायें। कुछ मांगें ऐसी उठाई जा सकती हैं जिन्हें तत्काल मंजूरी मिलने की सौ फीसदी आशा है। यात्रियों की दिक्कतों को देखते हुये कोंच-एट के बीच सुबह आठ बजे एक फेरा बढ़वा कर तमाम गरीबों का भला किया जा सकता है जो पैसेंजर ट्रेनों से सफर करते हैं। इसके लिये महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद तथा मंडल रेल प्रबंधक झांसी से वार्ता करें और फेरा मंजूर करायें। इसके अलावा झांसी कानपुर के रास्ते इलाहाबाद तक नई ट्रेनें, झांसी से कोलकाता वाया एट उरई कानपुर इलाहाबाद के रास्ते चलने बाली स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस को साप्ताहिक से प्रतिदिन कराने, लखनऊ से दिल्ली वाया कानपुर उरई एट झांसी अप डाउन चलवाने की भी व्यवस्था बजट में कराई जा सकती है। एट जंक्शन पर गोरखपुर-लोकमान्य तिलक, राप्ती सागर ट्रेनों का अप डाउन ठहराव दो मिनट का कराने का भी प्रयास करें ताकि यहां के यात्रियों को सहूलियत मिल सके।
स्वयं सेवकों ने भी लिखे पत्र
मथुराप्रसाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयं सेवकों के साथ कॉलेज के प्रवक्ताओं व अन्य शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने भी रेल सुविधाओं के बढाये जाने के लिये रेल विभाग को पत्र लिखे हैं। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. मनोज तिवारी के निर्देशन में रेलमंत्री सुरेश प्रभु के नाम पोस्ट इन सैकड़ों पोस्टकार्डों में उनसे गुजारिश की गई है कि एट-कोंच रेल लाइन को आगे जालौन होते हुये फफूंद तक बढाया जाये। स्वयं सेवक पारसमणि अग्रवाल ने अपने पत्र में इलाके की बदहाल तस्वीर का चित्रण करते हुये कहा है कि कोंच तहसील दशकों से उपेक्षा का दंश झेल रही है जिसके चलते यहां रेल सुविधाओं की खासी कमी है और दुर्भाग्य यह भी है कि ट्रेन यहां आकर रूक गई है जिससे इस पिछड़े इलाके का विकास भी अवरूद्ध हो गया है। पत्र लिखने बालों में गुलजार, दशरथसिंह, रिशू, अमन, नमन चतुर्वेदी, अंकुर वर्मा, मुनो कुशवाहा, प्रिया, नगमाबानो, प्रीति राठौर के अलावा शिक्षक वर्ग के डॉ. जयशंकर तिवारी, मनीष द्विवेदी, प्रभांशु नगाइच, अल्पनासिंह, भूपेन्द्र त्रिपाठी, सुनीलकुमार, राकेश गौतम आदि शामिल हैं।

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