0 सांस्कृतिक कार्य मंत्री अरुणा कोरी अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचीं
0 राज्य सरकार की ओर से 20 लाख रुपये देने का एलान

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उरई। जम्मू में आतंकवादी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान भोला सिंह की चिता में सोमवार उनके पैतृक गांव रेढ़र थाने के कन्हरपुरा में छह 22orai03 वर्ष के उनके अबोध पुत्र श्लोक ने मुखाग्नि दी तो उनकी अंतिम विदाई में उपस्थित भीड़ में हर खास और आम की आंखों से आंसू छलक उठे। उनकी छोटी बेटी तनु ने कहा कि उसे अपने पिता की शहादत पर गर्व है। लेकिन उनकी कमी कोई भी पूरा नही कर पायेगा।
उनका पार्थिव शरीर लेकर कन्हरपुरा पहुंचे सीआरपीएफ के डीआईजी रविंद्र सिंह रतौला ने बताया कि भोला सिंह सीआरपीएफ की 144वीं बटालियन के जवान थे। उनकी भर्ती 1991 में हुई थी। पिछले 9 वर्षों से वे आतंकवाद प्रभावित जम्मू कश्मीर राज्य मे तैनात थे। इस दौरान कई बार सीआरपीएफ की टुकड़ियों पर राज्य में आतंकवादी हमले हुए। लेकिन इनकी खबरों से विचलित होने की बजाय उन्होंने कहा कि वे तब तक जम्मू कश्मीर में तैनात रहना चाहेगें जब तक कि यहां देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित नही हो जातीं। डीआईजी ने कहा कि सीआरपीएफ को अपने जवान के इस हौसले और जज्बे पर हमेशा फख्र रहेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार की सांस्कृतिक कार्य मंत्री अरुणा कोरी भी उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए राज्य सरकार की ओर से कन्हरपुरा पहुंची। उन्होंने शहीद के परिवार से मिलकर परिजनों को ढांढस बंधाया कि राज्य सरकार पूरी तरह उनके साथ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से शीघ्र ही शहीद की पत्नी को 20 लाख रुपये की सहायता की चैक दी जायेगी। अंतिम यात्रा में शहीद के घर से श्मशान तक सदर विधायक दयाशंकर वर्मा, जिलाधिकारी रामगणेश, पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची, अन्य अधिकारी और विभिन्न राजनैतिक और सामाजिक संगठनों के नेता, कार्यकर्ता भी परिजनों व ग्रामीणों के साथ शामिल रहे। शहीद के बेटे के मुखाग्नि देने के पहले सीआरपीएफ की टुकड़ी ने उनके लिए राजकीय और सैनिक सम्मान प्रदर्शित करते हुए उनकी सलामी में बंदूके दांगी।
आजम खां नहीं पहुंच सके शहीद के गांव
नगर विकास मंत्री आजम खां का सोमवार को ही उरई के टाउन हाॅल में सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने का पूर्व से प्रस्तावित कार्यक्रम था। लेकिन इसके बावजूद शहीद भोला सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनकी बजाय राज्य सरकार की ओर से सांस्कृतिक कार्य मंत्री अरुणा कोरी को नियुक्त किया गया। एक ओर कन्हरपुरा में भोला सिंह केे अंतिम संस्कार के माहौल में जिले में हर कोई शोक में डूबा हुआ था। दूसरी ओर उसी समय टाउन हाॅल में बने मंच पर वक्ता नगर विकास मंत्री आजम खां के कसीदे पढ़ने में और आयोजक सामूहिक विवाह के जश्न की तैयारियों को संभालने में लगे हुए थे।

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