22orai10उरई। दलित संघर्ष मोर्चा जालौन के तत्वावधान में संत शिरोमणि रविदास जी की 639वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक विचार गोष्ठी केएस प्ले स्कूल बघौरा उरई में आयोजित की गई। जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर केपी सिंह व बीएसपी जिलाध्यक्ष, कांगे्रस जिलाध्यक्ष समेत कई समाजसेवियों ने रविदास जी के जीवन वृतांत को लोगों के सम्मुख रखकर उनके मार्ग पर चलने का आवाहन दिया।
इस संगोष्ठी के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार केपी सिंह ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी अपने संघर्ष, त्याग, तपस्या से मानव जीवन को एक सैद्धान्तिक मार्ग दे गये जिस पर चलकर लोग सुख की अनुभूति कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से शिक्षित होकर उचित, अनुचित तथ्यों का फैसला लेने में सक्षम बनने को कहा।
विशिष्ट अतिथि शैलेंद्र शिरोमणि बसपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि रविदास जी ने अपनी चमत्कारिक वाणी एवं कार्यों से सिद्ध किया कि इंसानों की एक ही जाति है। इसंसानियत इसके अलावा किसी प्रकार का भेदभाव आपको तोड़ सकता है जोड़ नही सकता है।
विशिष्ट अतिथि चैधरी श्यामसुंदर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा आज कुछ तथाकथित लोग संतों को बांटने का काम कर रह हैं, ये दुखद हैं। संत जाति धर्म के ऊपर मानवता के देवता हैं।
युवा समाज सेवी अंशुमन सिंह सेंगर ने कहा कि समय के साथ लोगों ने रविदास जी के विचारों को समझा और जातिवादी भेदभाव के खिलाफ होकर आज भी संघर्षरत हैं।
सभा में अन्य वक्ता के रूप में अध्यक्षता कर रहे बौद्ध भिक्षु धम्मशील भंते व केपी शील ने संतो ंके विचारों को युवाओं को जानने के लिए प्रेरित किया। सभा का संचालन नरेंद्र प्रताप ने किया।
सभी अतिथियों को जिलाध्यक्ष पंकज सहाय व संगठन मंत्री तकदीर जाटव ने स्मृति चिन्ह भेंट किये। सभा में प्रमुख रूप से कल्लन खां, जगदीश गुप्ता, हरनारायन दोहरे, जनमेजय सिंह, संजीव श्रीवास, प्रेमनारायण दोहरे, कढ़ोरे लाल जाटव समेत सैंकड़ों बघौरा वासी मौजूद रहे।

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