उरई। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में खेत किसानों के कब्रिस्तान में तब्दील होते जा रहे हैं। गुरुवार को कुठौंद के एक और किसान ने सिचाई न होने से सूख रही गेंहूं की बालियां देखकर खेत पर दम तोड़ दिया।
लाल सिंह पाल (45वर्ष) के पास एक एकड़ खेती थी। जिसमें उसने गेंहूं बो रखा था। नहर कमांड के अंतिम छोर का इलाका होने की वजह से कुठौंद तक पानी नही पहुंच पाया। जिससे उसकी फसल सूखने लगी। सुबह वह अपनी पत्नी उर्मिला के साथ खेत देखने पहुंचा। खेत की हालत देखकर वह बदहवास हो गया और सदमे में देखते ही देखते दिल का तेज दौरा पड़ने से उसकी वहीं मौत हो गई।
एसडीएम जालौन प्रेमचंद यादव ने बताया कि बीट के लेखपाल जान मुहम्मद को जांच के लिए मौके पर भेजा गया है। उनकी रिपोर्ट अभी नही मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही कोई कदम उठाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि किसान के शव का पोस्टमार्टम भी कराया जा रहा है। मृत किसान के परिवार में पत्नी के अलावा चार बेटे हैं।






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