उरई। डेढ़ महीने पहले सदिग्ध हालत में ससुराल में जलने की वजह से जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई युवती ने दम तोड़ दिया। उसके भाई का कहना है कि बहन ने ठीक होने के बाद इस मामले में बयान करने की बात कही थी। भाई ने लैंप गिरने से उसके जलने के ससुरालियों के कथन पर संदेह प्रकट किया है।
मोहल्ला काशीपुरा जालौन की निवासिनी श्रीमती प्रतिभा पत्नी कमल सिंह चैधरी गत् 4 जनवरी को खाना बनाते समय आग लगने से गंभीर रूप से झुलस गई थी। 5 जनवरी को ससुरालियों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत न सुधरने पर कई दिन बाद उसको रेफर कर दिया गया। इसके बाद जया रोग्य अस्पताल ग्वालियर में उसका उपचार चला। 20 फरवरी को हालत ठीक होने पर परिजन उसे वापस घर लाये। कल उसकी हालत अचानक फिर बिगड़ गई जिससे उसे जिला अस्पताल लाया गया। लेकिन यहां उपचार शुरू होने से पहले ही उसके प्राण पखेरू उड़ गये।
प्रतिभा के भाई देवेश ने कहा कि उसकी बहन को आग कैसे लगी यह अभी स्पष्ट नही है। उन्होंने बताया कि प्रतिभा को ढाई वर्ष की बच्ची है। जिसके नाम प्रापर्टी करने का लिखित वचन ससुरालियों ने स्टांप पेपर पर दिया है। अगर पंद्रह दिन में उन्होंने इसकी कानूनी औपचारिकता पूरी नही की तो ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज करा दिया जायेगा।






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