सामूहिक नकल की कारगुजारी तस्वीरों में कैद
उरई। नकल विहीन बोर्ड परीक्षा के फुलप्रूफ इंतजाम के प्रशासन के दावे जिले में धराशायी नजर आ रहे हैं। कई परीक्षा केंद्रों पर धड़ल्ले से सामूहिक नकल हो रही है। हमारी टीम ने इस नजारे को कैमरे में कैद कर लिया। इसके बाद केंद्र व्यवस्थापक से बात की तो उनके पास कहने के लिए खोखले बहानों के अलावा कुछ नही था।
माधौगढ़ तहसील के रेढ़र स्थित स्वामी विवेकानंद इंटर काॅलेज में दोपहर की पाली में परीक्षार्थी जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। जबकि परीक्षा कक्षों के दरवाजों में कुंडी लगी हुई थी। परीक्षार्थियों के हाथ में गाइड के पन्ने और लिखे हुए कागज थे जिन्हें देखदेख कर वे काॅपियों पर उत्तर उतार रहे थे। पत्रकारों के आने की खबर से इंटर काॅलेज में अफरा-तफरी फैल गई। हड़बड़ाहट में परीक्षार्थियों ने नकल बाहर फेंकी जिसे आनन-फानन में बटोरकर चपरासी जलाने में जुट गया।
केंद्र व्यवस्थापक अनिल याज्ञिक शोर-शराबा सुनकर बाहर निकल आये। उन्होंने नकल की बात तो एकदम नकार दी लेकिन परीक्षाथियों को जमीन पर बैठाकर परीक्षा कराने का कारण वे नही बता सके। हालांकि बोले कि उनके यहां परीक्षार्थियों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था पर्याप्त हैं। मजे की बात यह है कि केंद्र व्यवस्थापक के मुताबिक 10 मिनट पहले ही इस परीक्षा केंद्र से सैक्टर मजिस्ट्रेट मुन्नीलाल वर्मा निरीक्षण करके लौटे थे। उन्होंने कहा कि अगर नकल हो रही होती तो वे कार्रवाई न करते। दूसरी ओर कैमरे और वीडियों पर कैद की गई तस्वीरें सामूहिक नकल के खेल की खुली गवाही दे रहीं थीं। जाहिर है कि सैक्टर मजिस्ट्रेट ने जो कुछ हो रहा था उसकी अनदेखी की। यह अपने आप में प्रशासन की मिली-भगत से परीक्षा केंद्रों पर नकल का कारोबार चलने का जीता-जागता सबूत है।
बोर्ड परीक्षा में नकल को किसी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जा सकता। अगर किसी परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल का सबूत मीडिया या अन्य जरिये से सामने आया तो केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षकों के साथ-साथ संदिग्ध रवैया होने पर सैक्टर मजिस्ट्रेट के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जायेगी।





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