जालौन-उरई। नगर को रेलवे लाइन दिलाए जाने के लिए ‘रेल लाओ स्वाभिमान बचाओ संघर्ष समिति’ के तत्वावधान में आयोजित हुई बाजार बंदी कई मायनों में ऐतिहासिक रही। बाजारबंदी के चलते लोग चाय, गुटके व दवाओं के लिए भी तरसे। सभा के बाद उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया। आंदोलन में भाजपा को छोड़कर सभी राजनैतिक दलों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। आंदोलन की सफलता से जहां इसके प्रमुख रूप से सूत्रधार गौरीश द्विवेदी का व्यक्तित्व सार्वजनिक क्षितिज पर बड़े शक्ति केंद्र के रूप में उभरा है। वहीं घोषणा की गई कि सांसद भानुप्रताप वर्मा के राजनैतिक कैरियर को ताबूत में बदलकर उसमें अंतिम कील ठोकने का काम कस्बे के लोगों का जनाक्रोश करेगा।
‘रेल लाओ स्वाभिमान बचाओ संघर्ष समिति’ के तत्वावधान में आयोजित हुई बाजार बंदी में नगर के दुकानदारों ने स्वतः ही सुबह से अपनी-अपनी दुकानें बंद रखी। यहां तक कि नगर में चाय-नाश्ते, पान-गुटके व मेडिकल स्टोर की दुकानों सहित सब्जीमंडी व गल्ला मंडी भी पूरी तरह से बंद रहीं। इस दौरान झंडा चैराहे पर हंगामी जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित हजारों लोगों को बस एक ही जूनून था कि नगर में कैसे भी हो रेल लाइन लाई जाए। इसके लिए चाहे जितना भी संघर्ष करना पड़े सभी अपना समर्थन देंगे। नगर के वयोवृद्ध समाजसेवी डाॅ. राधेश्याम योगी व पूर्व पालिकाध्यक्ष सुरेशचंद्र सिंघल ने जनसभा को संबोधित करते हुए कि उन्होंने कई आंदोलनों में भाग लिया है। लेकिन जैसी ऐतिहासिक बाजारबंदी इस बार देखने को मिली वैसी नगर के इतिहास में आज तक नहीं देखी गई। इसमें भी सबसे बड़ी बात यह है कि सभी दुकानदारों ने इसमें बिना किसी दबाव के भाग लिया। गौरीश द्विवेदी, दीपू त्रिपाठी, थोपन यादव,, सफीक राईन, इमरान अंसारी, प्रद्युम्न दीक्षित इटहिया, सोमिल याज्ञिक, दीपक पाटकार, महेश चैधरी आदि ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सांसद भानुप्रताप वर्मा द्वारा नगर की जो उपेक्षा की गई है, यह उनके राजनैतिक कैरियर का अंत साबित होगा। उन्होंने कहा कि अब यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि नगर को रेलवे लाइन की सौगात नहीं मिल जाती। सभा का संचालन सुशील कुशवाहा व जावेद अख्तर ने संयुक्त रूप से किया। सभा के उपरांत नगर के विभिन्न मार्गों से होकर पैदल मार्च करते हुए हजारों की संख्या में लोग नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर पहुंचे। जहां प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी प्रेमचंद्र यादव को सौंपा गया। इस मौके पर ब्लाॅक प्रमुख तिलक सिंह जाटव, रामदास यादव, राजबहादुर यादव, लल्लू विश्वकर्मा, नारायण सिंह सेंगर, थोपन यादव, दीपू त्रिपाठी, गौरीश द्विवेदी, सफीक राईन, इमरान अंसारी, फानिश खान, सुशील कुशवाहा, कामरेड रामसिंह, ओमप्रकाश साहू, मधु टेलर, प्रदुम्न दीक्षित, रामेंद्र त्रिपाठी, विष्णु अग्रवाल, नितिन प्रधान, अकरम सिद्दीकी, मनीष वर्मा, धर्मेंद्र दीवौलिया सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।






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