0 दरोगा धनीराम भास्कर पर किटकिटाकर दौड़ी
0 एक घंटे बाद कोतवाल की शराफत पर हटाया जाम
उरई। कशिश मामले की आड़ में वेटरों को छोड़ने का सौदा निपटाने में लगी पुलिस के खिलाफ रविवार को दूसरे दिन भी महिलाओं ने शहीद भगत सिंह चैराहे पर पुलिस प्रशासन हाय-हाय करते हुए जाम लगा दिया। शहर का व्यस्ततम चैराहा होने की वजह से जाम की वजह से राहगीर बुरी तरह परेशान हो उठे। इसके बावजूद एक दिन पहले यहां भीड़ द्वारा सीओ सिटी और एक दरोगा की फजीहत की जाने का डर पुलिस पर तारी था जिसकी वजह से चंद कदम दूर होने के बावजूद बहुत देर तक कोतवाली से कोई निकलकर उन्हें समझाने के लिए पहुंचने का साहस नही कर सका। लगभग पौन घंटे बाद दरोगा धनीराम भास्कर पहुंचे जिनकी शोहरत आमतौर पर कोतवाली पहुंचने वाले हर फरियादी के साथ बदसलूकी करने की है। नतीजतन उन्हें देखकर महिलाएं भड़क गई और कहने लगी कि नासपीटे तुझे किसने भेज दिया। एक प्रेस फोटो ग्राफर इस दौरान दरोगा भास्कर की तस्वीर खींचने लगा तो खिसयानी बिल्ली का रोल अदा करते हुए भास्कर उससे भिड़ गये। महिलाएं इसके कारण और उग्र हो गई और उन्होंने भास्कर को दौड़ा लिया। बाद में प्रभारी निरीक्षक आलोक सक्सेना भीड़ के बीच आये उन्होंने हाथ जोड़कर महिलाओं से कहा कि एक दिन की मोहलत पुलिस को और दें। कल तक मामला वर्कआउट कर दिया जायेगा। प्रभारी निरीक्षक की सज्जनता ने प्रदर्शनकारियों पर असर दिखाया और महिलाएं जाम हटाने के लिए सहमत हो गईं। महिलाओं ने प्रभारी निरीक्षक से कहा कि कोतवाली में उनके लोगों को छोड़ने के लिए सरेआम पैसे मांगे जाते हैं। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि ऐसा करने वालों के नाम उन्हें बतायें। जो भी पुलिस कर्मी इसमें संलिप्त होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
नन्हीं गुड़िया ने भी दिया धरना
इस दौरान छह वर्षीय नन्हीं गुड़िया निशू भी धरने पर बैठी हुई थी जो सबका ध्यान खींच रही थी। तोतली आवाज में निशू ने मीडिया कर्मियों से कहा कि जब तक कशिश के हत्यारे को गिरफ्तार नही किया जायेगा वह धरने से नही उठेगी।







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