जालौन-उरई। नगर को रेल लाइन दिलाए जाने के लिए संघर्षरत ‘रेल लाओ स्वाभिमान बचाओ संघर्ष समिति’ द्वारा क्रमिक अनशन, आमरण अनशन, चक्का जाम, रेल रोको जैसे आंदोलनों की रूपरेखा बनाई गई।
‘रेल लाओ स्वाभिमान बचाओ संघर्ष समिति’ की एक बैठक स्थानीय शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क पर की गई। जिसमें नगर में रेल लाइन लाए जाने को लेकर नगर की जनता व दुकानदारों द्वारा की गई ऐतिहासिक बाजार बंदी के उपरांत मशाल जुलूस में नगर के लोगों द्वारा बढ़चढ़कर हिस्सा लिए जाने सराहना व्यक्त करते हुए सभी नगर वासियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इसके साथ ही नगर को रेल लाइन से जोड़े जाने के लिए सतत प्रयत्नशील समिति के कर्ताधर्ताओं ने लोगों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि नगर को रेलवे मानचित्र पर लाने के लिए संघर्ष समिति का अभियान यहीं थमने वाला नहीं है। यदि क्षेत्रीय सांसद व रेल मंत्री अभी भी नहीं चेते तो संघर्ष समिति अपने अगले अभियान के तहत क्रमिक अनशन, आमरण अनशन, चक्का जाम, रेल रोको आंदोलन की कार्ययोजना तैयार कर रही है। जिसकी तिथि की घोषणा अगली बैठक में की जाएगी। इस मौके पर दीपू त्रिपाठी, थोपन यादव, गौरीश द्विवेदी, सफीक राईन, इमरान अंसारी, दीपक पाटकार, विष्णु अग्रवाल, नितिन प्रधान, अकरम सिद्दीकी, मनीष वर्मा, रामदास यादव, राजबहादुर यादव, नारायण सिंह सेंगर, फानिश खान, मधु टेलर, रामेंद्र त्रिपाठी, मोहम्मद जावेद, नसरूद्दीन राईन, हाजी उवैश, अंकुर द्विवेदी, राहुल कौशिक, बिलाल सिद्दीकी, फारूख, शाहरूख कुरैशी, मोनू सेंगर, सोनू सेंगर, अलताफ, राहुल राजावत, अखिलेश रेजा आदि सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
रेल लाइन को लेकर क्षेत्रीय सांसद द्वारा नगर के लोगों के साथ सौताले व्यवहार को देखते हुए नगरवासी जोरदार तरीके से अपनी प्रतिक्रियाऐं दर्ज करा रहे हैं।
– शिक्षक प्रतीक चंसौलिया कहते हैं कि जनप्रतिनिधि के लिए पूरा क्षेत्र एक समान होना चाहिए। क्योंकि प्रत्येक क्षेत्र की जनता ही उन्हें चुनकर भेजती है। ताकि वह उनके क्षेत्र में विकास कार्य करा सकें। परंतु जब जनप्रतिनिधि ही मोह में फंस जाए तो जनता को बुरा लगना स्वभाविक है। क्षेत्रीय सांसद ने भी गृह नगर के मोह में फंसकर नगर की जनता को रेलवे लाइन के दूर कर दिया। उनका यह कदम निंदनीय है।
– समाज सेवी जितेंद्र निरंजन कहते हैं कि नगर को रेलवे लाइन से वंचित कर सांसद ने अपना ही राजनैतिक कैरियर दांव पर लगा दिया है। क्षेत्रीय जनता सांसद की मानसिक स्थिति से पूरी तरह अवगत हो चुकी है। सांसद का यह कार्यकाल आखिरी कार्यकाल साबित होगा।
– व्यापारी तौफीक बरकाती कहते हैं कि सर्वे पूरा होने के बाद भी सांसद ने नगर की जनता की भावनाओं के साथ जो खिलवाड़ किया है, उसे उचित नहीं कहा जा सकता है। नगर को रेलवे लाइन से वंचित किए जाने के लिए पूरी तरह से क्षेत्रीय सांसद ही जिम्मेदार हैं।







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